बेंगलुरु, 30 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से सवाल किया कि क्या वह केवल कांग्रेस के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों के ही मुख्यमंत्री हैं।
उन्होंने बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे और सड़क विकास के लिए घोषित 2,000 करोड़ रुपये के पैकेज के ‘भेदभावपूर्ण आवंटन’ का आरोप भी लगाया।
अशोक ने यह भी पूछा कि क्या भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों में रहने वाले बेंगलुरु के लाखों निवासी कर नहीं चुकाते हैं।
आर. अशोक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, क्या आप पूरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं या केवल कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों के?”
उन्होंने आरोप लगाया, “बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे और सड़क विकास के लिए घोषित 2,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज में कांग्रेस सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों के साथ बेहद भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है।”
अशोक ने दावा किया, “एक ओर कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों को सैकड़ों करोड़ रुपये की धनराशि दी गई। वहीं दूसरी ओर, राजधानी के भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले 16 निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी तरह उपेक्षा की गई है और उन्हें केवल प्रतीकात्मक राशि दी गई है, मानो उन्हें दान दिया जा रहा हो।”
खबरों के अनुसार, आवंटन सूची से पता चलता है कि कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों जैसे चामराजपेट, गांधी नगर, विजयनगर, शांतिनगर, हेब्बल, गोविंदराज नगर, पुलकेशी नगर, शिवाजीनगर, बीटीएम लेआउट, सर्वज्ञनगर और ब्यातरायनपुरा को 100-100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आवंटन 40 करोड़ रुपये से 80 करोड़ रुपये के बीच है।
अशोक ने शिवकुमार और ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा पर निशाना साधते हुए कहा, “क्या भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों में रहने वाले बेंगलुरु के लाखों निवासी कर नहीं चुकाते हैं? क्या वे अच्छी सड़कों और बुनियादी ढांचे के हकदार नहीं हैं? आपका राजनीतिक प्रेरणा और प्रतिशोध की भावना से किया गया यह फैसला बेंगलुरु के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।”
उन्होंने कहा, “बेंगलुरु के लोग इस भेदभावपूर्ण शासन और प्रतिशोध की राजनीति को बहुत करीब से देख रहे हैं। आगामी ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण चुनाव में राजधानी के लोग इस भेदभावपूर्ण नीति और पक्षपातपूर्ण आचरण के लिए आपको निश्चित रूप से उचित सबक सिखाएंगे।”
भाषा जितेंद्र वैभव
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