केरल में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में बांग्लादेश के तीन नागरिक गिरफ्तार, फर्जी पहचान पत्र बरामद

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केरल में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में बांग्लादेश के तीन नागरिक गिरफ्तार, फर्जी पहचान पत्र बरामद

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 03:42 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 03:42 PM IST

कोझिकोड, 30 जून (भाषा) बांग्लादेश के तीन नागरिकों को भारत में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने और अंतरराज्यीय प्रवासी मजदूर बनकर केरल के कोझिकोड जिले के एक श्रमिक शिविर में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान मोहम्मद वुला हुसैन (47), मोहम्मद हसन अली (27) और मोहम्मद महदी हसन (28) के रूप में हुई है।

ये गिरफ्तारियां मावूर थाना पुलिस द्वारा कल्पल्ली में की गई औचक निरीक्षण के दौरान की गईं।

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इलाके में प्रवासी मजदूरों के बीच कुछ बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं।

प्राथमिकी के अनुसार, तीनों लोगों ने बिना पासपोर्ट, वीजा या किसी अन्य वैध यात्रा दस्तावेज के भारत में प्रवेश किया था।

पुलिस ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक अज्ञात तरीके से देश में दाखिल हुए, अपनी बांग्लादेशी नागरिकता छिपाई और खुद को किसी अन्य भारतीय राज्य का प्रवासी मजदूर बताकर रहने लगे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्रों की डिजिटल प्रतियां मिलीं, जिससे यह पुष्टि हुई कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं।

पुलिस ने बताया कि द्विभाषी पुलिस अधिकारी की सहायता से तीनों से हिंदी में पूछताछ की गई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास भारत में प्रवेश करने या यहां रहने की अनुमति देने वाला कोई वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य दस्तावेज नहीं था।

प्रारंभिक जांच और बरामद दस्तावेजों के आधार पर जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि तीनों बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे तथा इलाके के एक श्रमिक शिविर में रह रहे थे।

उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।

पुलिस ने बताया कि सोमवार को की गई जांच के दौरान तीनों एक निजी श्रमिक शिविर में रह रहे पाए गए।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक, सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं और जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें कहां से प्राप्त किया गया था।

पुलिस ने बताया कि तीनों को पहले पूछताछ के लिए मावूर थाने ले जाया गया और बाद में उन्हें कोझिकोड विशेष शाखा कार्यालय भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तीनों व्यक्तियों को किसने काम पर रखा था और क्या किसी ने उन्हें फर्जी पहचान दस्तावेज हासिल करने में मदद की थी या उनके यहां रहने की व्यवस्था कराई थी।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष