धारवाड़, 24 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के धारवाड़ में मंगलवार को नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए रिक्त सरकारी पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग की।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौके पर जमा हुए और भर्ती में देरी को लेकर नारे लगाते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया।
उन्होंने कर्नाटक के मंत्रियों का पुतला भी जलाया।
तनाव बढ़ने और स्थिति गंभीर होने पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसबल तैनात किया गया।
पुलिस ने बाद में, प्रदर्शन के बेकाबू होने के बाद कई प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हालात बिगड़ गए और उन्हें काबू में लाने के लिए एहतियाती कार्रवाई की गई।”
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जब तक रिक्त पद भरे नहीं जाते, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो छात्र विधान सौध का घेराव करेंगे।
उन्होंने कहा, “हम नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा नहीं करना चाहते लेकिन सरकार को हमारी मांगों पर ध्यान देना चाहिए।” गिरफ्तार किए गए लोगों में अखिल कर्नाटक राज्य छात्र संघ के अध्यक्ष आर. कांताकुमार भी शामिल थे।
पुलिस ने उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के बेकाबू होने के लिए उन्हें (कांताकुमार को) जिम्मेदार ठहराया।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया।
धारवाड़ पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने वाले कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार में 25 लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हैं।
उन्होंने कहा, “वित्त विभाग द्वारा 65,000 पदों को भरने के आदेश जारी किए हुए छह महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन एक भी साक्षात्कार के लिए किसी को नहीं बुलाया गया। यह युवा विरोधी सरकार है।”
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा द्वारा आंदोलन को दिए गए समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भाजपा ने रिक्त पदों को क्यों नहीं भरा? हम भर रहे हैं। रोजगार संबंधी समस्या को समझते हुए, हम उन्हें 3,000 रुपये दे रहे हैं। अब हम आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं।”
शिवकुमार ने कहा कि उनके विभाग में पदों को भरने से संबंधित विवरण कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के साथ साझा किया गया है।
भाषा जितेंद्र वैभव
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