तिरुवल्ला (केरल), 23 मार्च (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) राज्य को विकास के अगले स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में नया जनादेश मांग रहा है।
विजयन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव लोगों के लिए एकजुट होने का एक ऐतिहासिक अवसर है, ताकि धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखते हुए प्रगति और कल्याण की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘विकास और जन कल्याण वे मुख्य मुद्दे हैं जिन्हें हम जनता के समक्ष रख रहे हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी ताकतें झूठ फैलाकर और सांप्रदायिक कार्ड खेलकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। विजयन ने कांग्रेस और भाजपा पर कॉरपोरेट का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों ने दिखाया है कि एक मानवीय वैकल्पिक मॉडल, जो वैश्विक उदाहरण बन चुका है, व्यावहारिक है। केरल में चुनावी वादों को भूल जाने की राजनीति नहीं चलती।’’
उन्होंने राज्य की पूर्ववर्ती संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार (2011-16) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल के दौरान राज्य ‘पूर्ण पतन’ के दौर से गुजरा।
उन्होंने कहा, ‘नियुक्तियों में ठहराव, सार्वजनिक क्षेत्र का पतन, सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों का बंद होना, भ्रष्टाचार से ग्रस्त शासन, कृषि और उद्योग में ठहराव, औद्योगिक निवेश के प्रति अनिच्छा और गंभीर वित्तीय संकट था।’
उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ शासनकाल में कल्याणकारी पेंशन का 18 महीनों का बकाया हो गया था और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था चिकित्सकों और दवाओं की कमी के कारण दयनीय स्थिति में थी।
उन्होंने कहा, “सरकारी विद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई छोड़ रहे थे। पाठ्यपुस्तकें समय पर वितरित नहीं की जा रही थीं, जिससे छात्रों को फोटोकॉपी पर निर्भर रहना पड़ रहा था। मुनाफा नहीं होने का हवाला देते हुए स्कूल बंद कर दिए गए थे।”
विजयन ने यह भी दावा किया कि उस दौरान उच्च शिक्षा क्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण पहल नहीं की गई और शैक्षणिक मानकों को कमजोर करने के प्रयास किए गए।
ऊर्जा क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि यूडीएफ सरकार “पूरी तरह विफल” रही, जिससे बिजली कटौती आम हो गई थी। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक वितरण और परिवहन प्रणालियों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “ऐसे दौर में एलडीएफ सरकार ने केरल के पुनर्निर्माण की ऐतिहासिक जिम्मेदारी संभाली और हर क्षेत्र को पुनर्जीवित किया।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए विजयन ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से आम जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, “जब 2016 में यूडीएफ सत्ता से बाहर हुई, तब स्वास्थ्य के लिए बजट आवंटन 665 करोड़ रुपये था। एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में इसे बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है।”
उन्होंने बताया कि अकेले स्वास्थ्य क्षेत्र में केरल अवसंरचना निवेश निधि बोर्ड (केआईआईएफबी) के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक और नाबार्ड के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि एलडीएफ राज्य की भविष्य की जरूरतों और युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक का अनुभव केरल को पीछे ले जाने वाली राजनीति का जवाब है। लोगों का मानना है कि एलडीएफ राज्य को पतन से प्रगति की ओर ले जाने में सक्षम रहा है।”
विजयन ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में एलडीएफ को निर्णायक जीत मिलेगी।
भाषा अमित नरेश
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