नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) दिल्ली में वर्ष 2024 में कुल 23,058 लोग लापता हुए, जिनमें 9,482 पुरुष और 13,576 महिलाएं शामिल थीं। यह जानकारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट से मिली।
शहर में 2024 में लापता वयस्कों के 17,567 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें 7,911 पुरुष और 9,656 महिलाएं शामिल हैं।
बुधवार को जारी एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों से 14,637 पुरुष, 18,238 महिलाएं और छह उभयलिंगी अब भी लापता हैं।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2024 में दिल्ली में लापता व्यक्तियों के कुल 55,939 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 24,119 पुरुष, 31,814 महिलाएं और छह ट्रांसजेंडर शामिल थे।
पुलिस ने 2024 में 28,392 लापता व्यक्तियों का पता लगाया या उन्हें ढूंढ निकाला, जिनमें 12,182 पुरुष, 16,208 महिलाएं और दो उभयलिंगी शामिल थे।
लापता हुए पुरुषों और महिलाओं में से केवल आधे का ही पता लगाया जा सका।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष के अंत तक कुल 27,547 लापता व्यक्ति- 11,937 पुरुष, 15,606 महिलाएं और चार उभयलिंगी लापता थे।
आंकड़ों से यह भी पता चला कि पिछले वर्षों के 5,352 बच्चे 2024 की शुरुआत तक लापता थे।
अभी भी लापता लड़कों की संख्या 1,621 थी, और लापता लड़कियों की संख्या 3,729 थी। दो उभयलिंगी का अभी तक पता नहीं चल पाया था।
पिछले वर्षों के लंबित मामलों को जोड़ने के बाद, 2024 में निपटाए गए लापता बच्चों के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 10,843 हो गई।
पुलिस ने 6,762 लापता बच्चों का पता लगाया या उन्हें बरामद किया, जिनमें 2,030 लड़के और 4,732 लड़कियां शामिल थीं।
लड़कों के लिए बरामदगी दर 63.6 प्रतिशत और लड़कियों के लिए 61.9 प्रतिशत रही, जबकि किसी भी उभयलिंगी का पता नहीं चल पाया।
2024 के अंत तक, कुल 4,081 बच्चे लापता रहे, जिनमें 1,162 लड़के, 2,917 लड़कियां और दो उभयलिंगी बच्चे शामिल थे।
भाषा तान्या माधव
माधव