केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने केलकर को उनका सचिव नियुक्त करने संबंधी फैसले का बचाव किया

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केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने केलकर को उनका सचिव नियुक्त करने संबंधी फैसले का बचाव किया

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 02:43 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 02:43 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 25 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर को अपना सचिव नियुक्त करने संबंधी फैसले का बचाव करते हुए सोमवार को कहा कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समेत राज्य की किसी भी पार्टी ने उनके (केलकर) खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया था।

सतीशन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें राज्य सरकार अधिकारियों का एक पैनल भेजती है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त अंतिम चयन करते हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने केलकर के तबादले और नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के आधार पर ही सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई अधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर काम करने के बाद सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं।

उन्होंने पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी नलिनी नेट्टो का उदाहरण देते हुए कहा कि वह बाद में गृह विभाग में रहीं, मुख्य सचिव बनीं और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी काम किया।

पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए सतीशन ने कहा कि वहां तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और माकपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जाने के गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन केरल में केलकर के खिलाफ ऐसी कोई शिकायत नहीं थी।

मुख्यमंत्री का यह बयान भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी केलकर की नियुक्ति को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच आया है। माकपा और भाजपा दोनों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति में ‘‘दोहरे मापदंड’’ अपनाने का आरोप लगाया है।

तेल की बढ़ती कीमतों पर सतीशन ने कहा कि सरकार अंतिम फैसला लेने से पहले कर राजस्व पर पड़ने वाले असर और आम जनता पर पड़ने वाले बोझ समेत पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।

भाषा

खारी देवेंद्र

देवेंद्र