केरल: एफसीआरए विधेयक बना चुनावी मुद्दा; यूडीएफ और एलडीएफ इसे वापस लेने की कर रहे मांग

Ads

केरल: एफसीआरए विधेयक बना चुनावी मुद्दा; यूडीएफ और एलडीएफ इसे वापस लेने की कर रहे मांग

  •  
  • Publish Date - March 30, 2026 / 12:40 AM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 12:40 AM IST

तिरुवनंतपुरम, 29 मार्च (भाषा) केरल में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है तथा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) दोनों ने रविवार को केंद्र से विधेयक पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

विदेशी अंशदान को नियंत्रित करने वाले मौजूदा मानदंडों में संशोधन करने के लिए लोकसभा में पेश किए गए इस विधेयक की राज्य में राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों द्वारा आलोचना की गई है।

नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में प्रस्तावित परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, ‘‘विशेष चिंता का विषय वह प्रावधान है जो केंद्र सरकार को उन संगठनों की संपत्तियों पर नियंत्रण रखने में सक्षम बनाता है जिनके लाइसेंस के नवीनीकरण में देरी होती है या नवीनीकरण नहीं होता है।’’

उन्होंने कहा कि इन संशोधनों ने विशेष रूप से अल्पसंख्यक-संचालित संगठनों और धर्मार्थ एवं सामाजिक सेवा गतिविधियों में लगे संस्थानों समेत अन्य लोगों के बीच भय पैदा कर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सेवा में एतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अल्पसंख्यक संस्थान इन घटनाक्रमों को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं।’’

सतीशन ने आगह किया कि इन परिवर्तनों से ऐसे संस्थानों पर असमान रूप से प्रभाव पड़ सकता है, प्रशासनिक बोझ बढ़ सकता है और आवश्यक सामुदायिक कार्यों को करने की उनकी क्षमता बाधित हो सकती है।

उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि संशोधनों की समीक्षा की जाए ताकि वास्तविक संगठनों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

भाषा यासिर संतोष

संतोष

शीर्ष 5 समाचार