तिरुवनंतपुरम, 16 अगस्त (भाषा) केरल के मंत्री के मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि ओणम से पहले पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा संबंधी निरीक्षण तेज कर दिए गए हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपने ओणम खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत 27 जुलाई को विशेष दस्तों का गठन किया था।
मुरलीधरन ने बताया, “खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य में 5,016 निरीक्षण किए हैं। खाद्य उत्पादों को लेकर सुरक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन का पता चलने के बाद 705 नोटिस भी जारी किए गए और 390 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ जुर्माना लगाने की सिफारिशें जारी की गईं।”
मंत्री ने कहा, “ओणम के दौरान व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले पापड़ सहित अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारी खाद्य उत्पादों पर लगे लेबल के विवरण, उनके निर्माण और उपयोग करने की समयसीमा, उसका ‘बैच नंबर’, लाइसेंस संबंधी जानकारी के साथ उत्पादों पर लिखे गए सामग्रियों के नाम और अन्य वैधानिक लेबल संबंधी आवश्यकताओं की जांच कर रहे हैं।
मुरलीधरन ने बताया कि खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल किए जाने वाले गुड़, नारियल तेल और घी जैसी प्रमुख सामग्रियों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि होटलों, रेस्तरां, खानपान सेवा प्रतिष्ठान और ‘क्लाउड किचन’ में भी निरीक्षण तेज कर दिए गए हैं।
बयान में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उन खाद्य व्यवसायों की विशेष जांच की जा रही है जो ऑनलाइन मंचों के माध्यम से ओणम सद्या और अन्य खाद्य उत्पादों के पैकेट की आपूर्ति करते हैं।
उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग मुख्य रूप से भोजन तैयार करने, उसकी पैकेजिंग, भंडारण और वितरण के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, उचित तापमान नियंत्रण, सुरक्षित कच्चे माल के इस्तेमाल और खाद्य उत्पादों की सही लेबल को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
भाषा प्रचेता प्रशांत
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