तिरुवनंतपुरम, 26 मई (भाषा) केरल विश्वविद्यालय संघ के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुए केएसयू कार्यकर्ताओं के कथित हमलों के खिलाफ विभिन्न जगहों पर मंगलवार को निकाले गए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के विरोध मार्च के दौरान हिंसा हो गई, जिसके बाद पुलिस को राजधानी तिरुवनंतपुरम समेत कई जगहों पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई एसएफआई ने पुलिस पर भी पक्षपात का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
एसएफआई का आरोप है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोमवार रात केरल विश्वविद्यालय क्षेत्र के पास केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) कार्यकर्ताओं ने उनकी विजय रैली पर हमला किया।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि एसएफआई कार्यकर्ताओं ने केएसयू कार्यकर्ताओं पर पत्थर और डंडे फेंके, जिसके बाद लगभग 20 केएसयू कार्यकर्ताओं ने जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस ने मंगलवार को तनाव बढ़ने पर तिरुवनंतपुरम में सचिवालय की ओर मार्च कर रहे एसएफआई प्रदर्शनकारियों पर कई बार पानी की बौछारें कीं।
इसी तरह की कार्रवाई मलप्पुरम और त्रिशूर में भी एसएफआई प्रदर्शनों पर की गई, जबकि कन्नूर में भी प्रदर्शन हुए।
एसएफआई नेताओं के अनुसार, केएसयू कार्यकर्ताओं ने रैली पर पत्थर फेंके और कई सदस्यों पर हमला किया, जिसमें एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष पी. शिवप्रसाद भी घायल हो गए।
पुलिस ने सोमवार की हिंसा के मामले में 10 नामजद एसएफआई कार्यकर्ताओं और 40 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस के अनुसार, पत्थरबाजी के दौरान एक थाना प्रभारी के हाथ की कोहनी के पास फ्रैक्चर हो गया, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
केरल विश्वविद्यालय संघ चुनाव में एसएफआई ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 37 में से 35 सीट जीतीं, जबकि केएसयू को दो सीट से संतोष करना पड़ा।
भाषा जोहेब सुरेश
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