कॉजपा प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर पर धरना जारी; रातभर में और समर्थक जुटे

कॉजपा प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर पर धरना जारी; रातभर में और समर्थक जुटे

कॉजपा प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर पर धरना जारी; रातभर में और समर्थक जुटे
Modified Date: July 22, 2026 / 11:55 am IST
Published Date: July 22, 2026 11:55 am IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा। इस दौरान रातभर में प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला। नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है।

कॉजपा ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘‘आज सुबह जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।’’

कॉजपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को भी दोहराया।

पोस्ट में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री भारत के युवाओं से ज्यादा मंत्री प्रधान से प्यार क्यों करते हैं?’’

मंगलवार रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए कई लोगों ने भोजन भेजा, जबकि वहां और समर्थक जुटे। सोमवार को कॉजपा के “संसद चलो” मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना जारी रखा।

कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

उन्होंने कहा, ‘‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे। 20 जुलाई भारत के राजनीतिक इतिहास में, खासकर आजादी के बाद के भारत में, एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। युवा अब चुप नहीं बैठेंगे।’’

मंगलवार देर रात कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि आंदोलन ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी किसी तरह के जमावड़े का आह्वान नहीं किया था।

दीपके ने एक बयान में कहा, ‘‘कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी जुटने का आह्वान नहीं किया है, जहां हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि समूह को सूचना मिली है कि दिल्ली के कुछ अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने के लिए “कुछ गुंडों” को भेजा गया हो सकता है। वे कॉजपा के साथ नहीं हैं।

यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था, जिसमें परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को कॉजपा के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वांगचुक को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थांनातरित किए जाने के बाद भी वह अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।

भाषा तान्या शफीक

शफीक


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