लद्दाख राजनीतिक संवाद: केंद्र ने 22 मई को उप-समिति की बैठक बुलाई

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लद्दाख राजनीतिक संवाद: केंद्र ने 22 मई को उप-समिति की बैठक बुलाई

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 05:52 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 05:52 PM IST

लेह, 26 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आंदोलनरत लद्दाखी समूहों के प्रतिनिधियों के साथ राजनीतिक संवाद के लिए गठित उप-समिति की बैठक 22 मई को बुलाने का फैसला किया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने यह जानकारी दी।

उप-समिति की पिछली बैठक फरवरी की शुरुआत में हुई थी।

लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) लंबे समय से बातचीत फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे। ये 2021 से राज्य का दर्जा और लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल किए जाने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर केंद्र के साथ संयुक्त रूप से वार्ता कर रहे हैं।

उपराज्यपाल ने रविवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 22 मई को राजनीतिक संवाद के लिए उप-समिति की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह लद्दाख के प्रमुख हितधारकों के साथ रचनात्मक लोकतांत्रिक संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा और लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

उपराज्यपाल ने 14 अप्रैल को विश्वास जताया था कि एलएबी-केडीए और केंद्र के बीच जारी संवाद से समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा था कि जब भी आवश्यकता होगी, वह इस प्रक्रिया को समर्थन देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

इसके एक दिन बाद केडीए ने वार्ता तुरंत फिर शुरू करने की मांग की थी और कहा था कि परिषद-आधारित व्यवस्था को छोड़कर केंद्र के किसी भी नए प्रस्ताव के लिए वे खुले हैं।

केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलई ने कहा था, ‘‘चार फरवरी को हुई पिछली बैठक के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भारत सरकार, खासकर गृह मंत्रालय ने वादा किया था कि 10-15 दिनों के भीतर अगली बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें लद्दाखियों की आकांक्षाओं और मांगों पर गंभीरता और ईमानदारी से विचार होगा। लेकिन वह दिन अभी तक नहीं आया।’’

जम्मू कश्मीर के पूर्व विधायक डेल्डन नामग्याल और एलएएचडीसी लेहर के पार्षद स्मानला दोरजे को सितंबर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामले में करीब सात महीने जेल में रहने के बाद 18 अप्रैल को रिहा कर दिया गया। उस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। एलएबी और केडीए लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे।

यह कदम जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 14 मार्च को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहाई के एक महीने बाद आया। केंद्र सरकार ने उनकी हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थी।

वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत लेह जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर हिंसा के मामले में हिरासत में लिया गया था।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचेंगे।

उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि गृह मंत्री एक मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

भाषा गोला दिलीप

दिलीप