केरल चुनाव में कई राजनीतिक, संगठनात्मक फैसलों के कारण एलडीएफ का प्रदर्शन खराब रहा: शमसीर
केरल चुनाव में कई राजनीतिक, संगठनात्मक फैसलों के कारण एलडीएफ का प्रदर्शन खराब रहा: शमसीर
मलप्पुरम (केरल), 30 जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की विधानसभा चुनाव में हार के आंतरिक आकलन को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए केरल विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ए. एन. शमसीर ने बृहस्पतिवार को कहा कि कई राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों के कारण वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का प्रदर्शन खराब रहा।
मलप्पुरम जिले के कालीकावु में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शमसीर ने पार्टी की आंतरिक समीक्षा के निष्कर्षों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया। इस समीक्षा को माकपा की राज्य समिति और केंद्रीय समिति ने मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा कि पय्यानूर और तलिपरम्बा विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के चयन में पार्टी से गलती हुई।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहुल मलप्पुरम जिले के खिलाफ एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर माकपा की प्रतिक्रिया पर्याप्त रूप से कड़ी नहीं थी।
शमसीर ने कहा कि पार्टी ने ‘ग्लोबल अयप्पा संगमम’ के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश पढ़े जाने को एक और गलती माना है और कहा कि ‘‘ऐसा नहीं होना चाहिए था।’’
उन्होंने पूछा, “और कौन-सी पार्टी इस तरह आत्ममंथन कर सकती है?”
उन्होंने कहा कि पार्टी को इतनी करारी हार की कभी उम्मीद नहीं थी और उसे लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का भरोसा था। उन्होंने कहा, ‘‘डाक मतपत्रों की गिनती के समय हम आगे थे, लेकिन उसके बाद सब कुछ हमारे हाथ से निकल गया।’’
उन्होंने कहा कि हार के कारणों की पहचान कर ली गई है और पार्टी ने जनता के सामने आत्ममंथन किया है।
यह समीक्षा ऐसे समय की गई जब केरल में एलडीएफ को सबसे खराब चुनावी नतीजों का सामना करना पड़ा। केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में उसे केवल 35 सीट पर जीत मिली। संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 102 सीट पर जीत मिली थी जबकि भाजपा ने तीन सीट हासिल की थी।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश

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