मंत्री की ‘कुत्ते वाली टिप्पणी’ के बाद कर्नाटक में नेतृत्व विवाद गहराया

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मंत्री की ‘कुत्ते वाली टिप्पणी’ के बाद कर्नाटक में नेतृत्व विवाद गहराया

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 05:56 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 05:56 PM IST

बेंगलुरु, 17 फरवरी (भाषा) कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर लंबे समय से जारी विवाद मंगलवार को उस समय और गहरा गया, जब राज्य के समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा ने आवारा कुत्तों पर उच्च न्यायालय की टिप्पणी का हवाला देते हुए एक विवादित बयान दिया।

शिवकुमार सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विपक्षी सदस्यों ने महादेवप्पा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

महादेवप्पा ने सोमवार को मैसुरु में संवाददाताओं से बातचीत में शीर्ष स्तर पर बदलाव की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा था, “नेतृत्व के मुद्दे पर कहां चर्चा हो रही है? उच्च न्यायालय बार-बार कहता है कि आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय केंद्रों में बंद करो। यहां राजनीतिक नेतृत्व मजबूत है।”

जब महादेवप्पा से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया कि उनका इशारा किस ओर था, तो उन्होंने कहा कि वह केवल उच्च न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला दे रहे थे।

मंत्री ने कहा, “मैं सिर्फ उच्च न्यायालय की ओर से की गई टिप्पणी का जिक्र कर रहा था। मुझे नहीं पता कि आप लोग इसकी व्याख्या कैसे करते हैं।”

नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर महादेवप्पा ने कहा, “पार्टी आलाकमान को कौन निर्देश दे सकता है? क्या आप और मैं उसे निर्देश दे सकते हैं? वे ही हमें निर्देश दे सकते हैं, न कि हम उन्हें। अगर पूंछ कुत्ते को हिलाने लगे तो क्या होगा?”

महादेवप्पा को सिद्धरमैया का करीबी माना जाता है।

मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि यह तो समय ही बताएगा, जब मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस बारे में जवाब देंगे।

शिवकुमार कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष भी हैं।

उन्होंने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, “मैं महादेवप्पा के बयान पर टिप्पणी करने के लिए तैयार नहीं हूं। न सिर्फ उनके, बल्कि किसी के भी बयान पर। मैंने यह बात पहले भी कही है। सिद्धरमैया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी नेतृत्व के मुद्दे पर बोल चुके हैं।”

शिवकुमार ने कहा, “यह फैसला मैंने, सिद्धरमैया और पार्टी आलाकमान ने मिलकर लिया है। समय ही बताएगा कि फैसला क्या है। इस मामले में कुछ भी छिपा नहीं है। समय आने पर सिद्धरमैया खुद जनता को जवाब देंगे।”

उपमुख्यमंत्री के भाई डीके सुरेश ने कहा कि उन्हें महादेवप्पा के बयान के संदर्भ के बारे में जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि महादेवप्पा ने ‘कुत्तों’ वाली टिप्पणी में किसका संदर्भ दिया है।”

हालांकि, सुरेश ने कहा, “कांग्रेस के समर्पित नेता आवारा कुत्ते नहीं, बल्कि ईमानदार कुत्ते हैं। वे कभी भी उनका साथ निभाने वालों को धोखा नहीं देते। वे अपने मालिक का कर्ज अदा करते हैं।”

कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य बीके हरिप्रसाद ने शिवकुमार की तुलना ‘ट्रेन के इंजन’ से की।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “शिवकुमार उस इंजन की तरह हैं, जो पूरी ट्रेन को साथ लेकर चलता है, लेकिन जब ट्रेन किसी स्टेशन पर पहुंचती है, तो वह बहुत शोर मचाता है और वहां के विक्रेताओं को जगा देता है।”

इस बीच, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवाड़ी नारायणस्वामी ने महादेवप्पा पर निशाना साधते हुए कहा, “इस बयान से यह आशय निकलता है कि कांग्रेस के सभी नेता कुत्ते की तरह हैं। कांग्रेस नेताओं को कुत्ते बहुत पसंद हैं। महादेवप्पा ने बड़ी चतुराई से यह स्पष्ट कर दिया है कि कुत्ता पूंछ हिला रहा है या पूंछ कुत्ते को हिला रही है।”

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप