अगर आरएसएस मांगे गए दस्तावेज पेश नहीं करता, तो कानूनी कार्रवाई होगी: मंत्री खरगे

Ads

अगर आरएसएस मांगे गए दस्तावेज पेश नहीं करता, तो कानूनी कार्रवाई होगी: मंत्री खरगे

  •  
  • Publish Date - June 23, 2026 / 06:36 PM IST,
    Updated On - June 23, 2026 / 06:36 PM IST

बेंगलुरु, 23 जून (भाषा) कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने मंगलवार को कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से उसकी स्थापना और खर्च से जुड़े दस्तावेज़ दिखाने की मांग करते रहेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे।

मंत्री ने 100 साल पुराने संगठन आरएसएस के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है, जिसमें मांग की गई है कि वे देश में अपने रजिस्ट्रेशन और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज दिखाएं।

आरएसएस की स्थापना और इसके खर्च के बारे में सोशल मीडिया पर पूछे गए सवाल की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने उनसे जानकारी मांगे अभी एक सप्ताह ही हुआ है। वे 100 साल के इतिहास वाले देशभक्त हैं। उनके पास कहीं न कहीं दस्तावेज जरूर होंगे-या तो नागपुर में या बेंगलुरु स्थित ‘केशव कृपा’ (आरएसएस का प्रदेश मुख्यालय) में या सरसंघचालक के घर पर।’’

इस बात पर जोर देते हुए कि आरएसएस नेताओं को जल्द ही दस्तावेज मिल जाएंगे, उन्होंने कहा कि 100 साल पुराने संगठन को कुछ समय दिया जाना चाहिए।

मंत्री ने कहा, ‘‘इतनी जल्दी क्या है? उन्हें कुछ समय दीजिए। अगर उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है, तो हो सकता है कि उन्हें वे तैयार करने पड़ें।’’

जब पत्रकारों ने पूछा कि अगर आरएसएस ने दस्तावेज नहीं दिखाए तो क्या होगा, तो खरगे ने कहा कि देश में कानून है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह आरएसएस से उसका रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज मांग रहे हैं, तो खरगे ने कहा कि बात रजिस्ट्रेशन दस्तावेज की नहीं है, बल्कि यह जानने की कोशिश है कि वे कौन हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे निश्चित रूप से हमारे पास आएंगे। इस मुद्दे पर वरिष्ठ वकीलों के लंबे संपादकीय, सोशल मीडिया पर बड़ी-बड़ी पोस्ट या पॉडकास्ट से मुझ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो लोग आरएसएस का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, मैं उनसे बातचीत करने के लिए तैयार हूं।’’

भाषा संतोष नरेश

नरेश