12 वर्ष से कम आयु की मासूमों से दुष्कर्म के दोषियों को सजा-ए-मौत, बिल लोकसभा में पारित

12 वर्ष से कम आयु की मासूमों से दुष्कर्म के दोषियों को सजा-ए-मौत, बिल लोकसभा में पारित

12 वर्ष से कम आयु की मासूमों से दुष्कर्म के दोषियों को सजा-ए-मौत, बिल लोकसभा में पारित
Modified Date: November 29, 2022 / 08:04 pm IST
Published Date: July 30, 2018 4:13 pm IST

नई दिल्ली। छोटी बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ते आपराधिक मामलों के बीच सोमवार को लोकसभा में आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2018 लोकसभा में पारित हो गया। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसयानी पॉक्सो एक्ट में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के मामलों में मौत की सज़ा होगी। अब इस बिल को राज्यसभा में भेजा जाएगा।

बता दें कि पिछले दिनों सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जवाब देते हुए बताया था कि वह पॉक्सो एक्‍ट में संशोधन की तैयारी कर रही है। इसमें बदलाव के बाद 0-12 साल की बच्‍चियों के साथ रेप के मामले में मौत की सजा का प्रावधान है।

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लोकसभा में बिल पारित होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने कहा कि इस दिशा में कड़े से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसे कानून बना रहे हैं जिससे महिलाएं देश में खुद के सुरक्षित महसूस कर सकें। इन बदलावों को लागू करने के लिए हम जरूरी कदम उठाएंगे।

मासूमों से दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार दोषियों को फांसी की सजा के प्रावधान के लिए अध्यादेश लाई थी। लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान पार्टी लाइन से हटकर ज्यादातर सदस्यों ने इसका समर्थन किया। हालांकि कुछ विपक्षी सांसदों ने अध्यादेश के रास्ते कानून को लागू करने पर आपत्ति जताई।

वेब डेस्क, IBC24


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