एक वर्तमान सदस्य और चार पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की बैठक 12 बजे तक स्थगित

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एक वर्तमान सदस्य और चार पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की बैठक 12 बजे तक स्थगित

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 11:41 AM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 11:41 AM IST

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दिवंगत सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकॉन और चार पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पहले दिन की कार्यवाही शुरू करते हुए पीठासीन सभापति एन के प्रेमचंद्रन ने एक वर्तमान सदस्य और चार पूर्व सदस्यों के निधन की जानकारी सदन को दी।

दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

मेघालय के शिलांग से सांसद डॉ रिकी एंड्रयू जे सिंगकॉन का निधन गत 19 फरवरी को हो गया। वह 54 वर्ष के थे।

दसवीं और 11वीं लोकसभा में ओडिशा की मयूरभंज सीट से सदस्य रहीं कुमारी सुशीला तिरिया का निधन गत एक फरवरी को भुवनेश्वर में हो गया। वह 69 वर्ष की थीं।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव संसदीय क्षेत्र से दसवीं, 11वीं और 12वीं लोकसभा के सदस्य रहे देवी बक्स सिंह का निधन नौ फरवरी को कानपुर में हो गया। वह 85 वर्ष के थे।

बिहार के गोपालगंज संसदीय क्षेत्र से 15वीं लोकसभा के सदस्य रहे पूर्णमासी राम का निधन गत 25 फरवरी को पटना में हो गया। वह 76 वर्ष के थे।

केरल की वडकरा लोकसभा से छह बार निचले सदन के सदस्य रहे केपी उन्नीकृष्णन का निधन गत तीन मार्च को हुआ। वह 89 वर्ष के थे।

लोकसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत सामान्यत: अध्यक्ष करते हैं। लेकिन अध्यक्ष ओम बिरला उन्हें हटाने के लिए विपक्ष द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद से बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम कुछ दिन से कार्यवाही संचालित नहीं कर रहे हैं।

लोकसभा आज विपक्षी सदस्यों के नोटिस पर विचार करेगी।

बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के तीन सदस्य- मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि सदन की अनुमति मांगेगे। कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन मिलने के बाद वे यह प्रस्ताव सदन में चर्चा और मतदान के लिए रखेंगे।

संविधान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष नोटिस पर विचार किए जाने के दौरान सदन में उपस्थित रह सकते हैं। वह प्रस्ताव पर अपना पक्ष रख सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा होगी तब वह कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते।

बिरला संभवतः सत्तापक्ष की प्रमुख पंक्तियों में बैठ सकते हैं, हालांकि नियम इस बारे में स्पष्ट नहीं हैं।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा