लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक स्थगित

लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक स्थगित

लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक स्थगित
Modified Date: July 30, 2026 / 02:23 pm IST
Published Date: July 30, 2026 2:23 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) लोकसभा में बृहस्पतिवार को विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे फिर से शुरू होने पर पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।

इस बीच, विपक्षी सदस्य आसन के करीब आ गए। उनके हाथों में तख्तियां थीं और वे ‘अमित शाह जवाब दो’ नारे लगा रहे थे।

पीठासीन सभापति ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपने-अपने स्थान पर लौटने का अनुरोध किया, लेकिन शोरगुल नहीं थमने पर उन्होंने दो बजकर दो मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल लगातार आठवें दिन नहीं चल सका और कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी।

इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगें उठाने लगे।

कांग्रेस सदस्यों को बुधवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान पैदा हुई गतिरोध की स्थिति का मुद्दा उठाते देखा गया। वह दिल्ली में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग भी दोहराते सुने गए।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल बाधित नहीं करने का अपना आग्रह दोहराया।

शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके हैं।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव


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