नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) लोकसभा में सोमवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के इस रुख पर अड़े रहने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के विपक्ष के नोटिस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
सदन की बैठक दो बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अपना संकल्प रखने को कहा।
इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य पश्चिम एशिया के हालात पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते हुए आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के सदस्य नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की इजाजत भी आसन से मांग रहे थे।
पीठासीन सभापति पाल ने मोहम्मद जावेद से कहा, ‘‘आप केवल अपना संकल्प रख सकते हैं। आपको और कोई प्रस्ताव रखने का अधिकार नहीं है। आप आसन से यह नहीं कह सकते कि राहुल (गांधी) को बोलने दें, केसी वेणुगोपाल को बोलने दें। यह कौन सा नियम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संसद की कार्यवाही में प्रति मिनट ढाई लाख रुपये खर्च होते हैं। एक दिन में नौ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। जनता के पैसे का इस तरह आप नुकसान कर रहे हैं। आप संसद को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इतने दिन पहले से लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, लेकिन इस विषय पर चर्चा कराने की जगह अब दूसरा विषय उठाया जा रहा है।
पाल ने हंगामा कर रहे विपक्ष के सांसदों से कहा, ‘‘आपने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस क्यों दिया है। यदि गंभीर हैं तो उस पर चर्चा शुरू कराएं।’’
उन्होंने कहा कि आसन चर्चा कराने को तैयार है, सरकार चर्चा कराने को तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन नहीं चलाना चाहता।
पीठासीन सभापति ने कहा कि पश्चिम एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर विस्तृत बयान दे चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पिछले कई दिन से लोकसभा अध्यक्ष नैतिक आधार पर सदन में नहीं आ रहे। आप चर्चा भी नहीं कर रहे और अध्यक्ष को सदन में नहीं आने दे रहे। आप इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं।’’
पाल ने विपक्ष के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘‘पूरा देश आपका यह गैर जिम्मेदाराना और अपरिपक्व व्यवहार देख रहा है।’’
इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही एक वर्तमान सदस्य और चार पूर्व सदस्यों के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दोपहर 12 बजे बैठक आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्य पश्चिम एशिया के संकट के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। इनमें से कई सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं।
पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘आप लोग सदन में तख्तियां लेकर आए हैं, आप यह पहले से तय करके आएं है कि सदन नहीं चलने देना है।’’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर गैरजिम्मेदार विपक्षी दल होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लगता है कि विपक्ष असमंजस में है क्योंकि पहले वह खुद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ ‘अनावश्यक’ प्रस्ताव लेकर आया और अब दूसरा विषय लेकर आ गया।
रीजीजू का कहना था कि सरकार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष चर्चा शुरू करे।
केंद्रीय मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ऐसा गैरजिम्मेदार विपक्षी दल कभी नहीं देखा। क्या एक परिवार, एक व्यक्ति पूरे देश के राजा हैं। (कांग्रेस के) वरिष्ठ लोग अपनी अंतरात्मा में झांककर देखें कि इससे क्या भला हो रहा है। संसद की गरिमा को कितना गिराया है।’’
हंगामा नहीं थमने पर पाल ने लगभग आधे घंटे बाद कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज हुई और पहले दिन लोकसभा की कार्यसूची में अध्यक्ष ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित विषय सूचीबद्ध था, हालांकि आज इस मुद्दे पर सदन में चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
भाषा वैभव हक
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