पुरी रथयात्रा में पारंपरिक मुकुट के बिना रथ तक लाए गए भगवान जगन्नाथ, विपक्ष ने सरकार को घेरा

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पुरी रथयात्रा में पारंपरिक मुकुट के बिना रथ तक लाए गए भगवान जगन्नाथ, विपक्ष ने सरकार को घेरा

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 01:03 AM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 01:03 AM IST

भुवनेश्वर/पुरी, 17 जुलाई (भाषा) पुरी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को पारंपरिक पुष्प मुकुट पहनाए बिना मंदिर से बाहर रथ तक लाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है तथा विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने इस चूक को लेकर ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा है

यह घटना बृहस्पतिवार को उस समय हुई, जब भगवान जगन्नाथ को 12वीं सदी के मंदिर से ‘ताहिया’ पहने बिना बाहर लाया गया। ‘ताहिया’ फूलों से बना पारंपरिक मुकुट है, जो भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन को मंदिर से रथों तक ले जाने की ‘पहंडी’ रस्म की शोभा बढ़ाता है।

हालांकि, इस रस्म के दौरान भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों पर पुष्प मुकुट थे।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने कहा कि सेवकों ने विग्रह के खुले स्थान पर पहुंचने से कुछ देर पहले बारिश के कारण ‘ताहिया’ उतार दिया था। विपक्षी दलों ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि रथयात्रा हर वर्ष बारिश के मौसम में होती है, लेकिन सदियों पुरानी परंपरा को पहले कभी ऐसे दरकिनार नहीं किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘‘इस बार भगवान के ‘ताहिया’ के बिना श्रद्धालुओं के सामने आने से लाखों भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।’’

बीजद की वरिष्ठ नेता प्रमिला मलिक ने कहा कि राज्य सरकार को इस चूक के लिए करोड़ों जगन्नाथ भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।

पुरी का जगन्नाथ मंदिर ओडिशा सरकार के विधि विभाग के अधीन आता है।

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष