खाड़ी देशों के लिए किफायती उड़ानें फिर शुरू की जाएं : विवेक तन्खा

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खाड़ी देशों के लिए किफायती उड़ानें फिर शुरू की जाएं : विवेक तन्खा

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 10:36 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 10:36 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने शुक्रवार को सरकार से खाड़ी देशों के लिए किफायती उड़ानें फिर से शुरू करने की अपील की, ताकि वहां रहने वाले भारतीय गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने भारत आ सकें।

तन्खा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे एक पत्र में कहा कि खाड़ी क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं तथा उन्हें भारत-यूएई और अन्य खाड़ी मार्गों पर बढ़ते हवाई किराए से राहत मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के अधिकतर प्रवासी कामगार, जिनकी कमाई से भारत में लाखों परिवारों का भरण-पोषण होता है, छुट्टियों के मौसम में अपने घर आना चाहते हैं।

तन्खा ने पत्र में कहा, ‘‘इनमें से अधिकतर लोगों के लिए गर्मियों में सालाना घर आना अपने परिवार से मिलने का एकमात्र अवसर होता है। यह कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। यूएई और खाड़ी क्षेत्र में नियोक्ता आमतौर पर इस उद्देश्य के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 1,000 दिरहम देते हैं, जो कुछ समय पहले तक यात्रा खर्च का बड़ा हिस्सा पूरा कर देता था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब भारत-खाड़ी मार्गों पर हवाई किराया दोगुने से अधिक हो गया है। यह भत्ता अब आधे किराए को भी पूरा नहीं कर पा रहा है। इसका परिणाम यह है कि लाखों लोग, जो हर साल अपने परिवारों से मिलते थे, अब भारत नहीं आ पा रहे हैं क्योंकि यात्रा उनकी पहुंच से बाहर हो गई है।’’

तन्खा ने इस पत्र की प्रति नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को भी भेजी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आर्थिक बोझ के साथ-साथ लंबे समय तक परिवार से दूर रहने की मानवीय कीमत भी गंभीर है। इससे बच्चे अपने माता-पिता के बिना बड़े हो रहे हैं और इसका गहरा मानसिक प्रभाव पड़ रहा है।

तन्खा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘यूएई और खाड़ी देशों में रहने वाले एक करोड़ भारतीयों को अपने परिवारों से मिलने के लिए बजट उड़ानें फिर शुरू की जाएं। हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतें उनके 1,000 दिरहम के एफटीए बजट से कहीं अधिक हो चुकी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘गर्मी की छुट्टियां जून से अगस्त तक रहती हैं और परिवार अपने प्रियजनों का इंतजार कर रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश और नागरिक उड्डयन मंत्री से अपील है कि इस दिशा में कदम उठाएं।’’

भाषा रवि कांत नेत्रपाल

नेत्रपाल