न्यायालय ने सरकारी वकीलों की कमी पर चिंता जताई, राज्य सरकारों को रिक्त पद भरने के निर्देश

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न्यायालय ने सरकारी वकीलों की कमी पर चिंता जताई, राज्य सरकारों को रिक्त पद भरने के निर्देश

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 10:59 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 10:59 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अदालतों में सरकारी वकीलों की कमी को रेखांकित करते हुए राज्य सरकारों को रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि आपराधिक न्याय में देरी लोक अभियोजकों की कमी के कारण है।

पीठ ने कहा, ‘‘राज्य सरकारें कुछ नहीं कर रही हैं और बस यही कह रही हैं कि ‘आपराधिक न्याय में देरी हो रही है, आपराधिक न्याय में देरी हो रही है’। समस्या कहां है?’’

इसने कहा, ‘‘प्रत्येक राज्य में अभियोजन निदेशालय इन सब मामलों पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है? आप अभियोजन परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं कर रहे हैं। कई लोग नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’

न्यायालय ने टिप्पणी की कि राज्य सरकारों को इन सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए।

पीठ ने कहा कि न्यायपालिका लोक अभियोजकों की नियुक्ति के संबंध में सुझाव दे सकती है, लेकिन कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सरकारों की है।

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, ‘‘आप हमसे पूछें, हम आपको सुझाव देंगे। क्या आप उन्हें लागू करेंगे? यही मुख्य मुद्दा है। कृपया, सभी राज्य अधिवक्ता, अपनी सरकारों को अदालतों में अभियोजकों और लोक अभियोजकों की नियुक्ति करने की सलाह दें।’’

पीठ ने ये टिप्पणियां स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार एक आरोपी को जमानत देते समय कीं।

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल