लखनऊ, 22 मई (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय का एक कथित वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ जिसमें उन्हें महोबा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहते सुना जा सकता है।
अजय राय ने इस वीडियो को फर्जी और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कृत्रिम रूप से निर्मित बताया। उन्होंने कहा कि लखनऊ पहुंचते ही वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। राय ने बताया कि वह महोबा में एक दुष्कर्म पीड़िता से मिलने गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राय की कथित टिप्पणी की निंदा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विषय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा की गई अभद्र, असंसदीय और अक्षम्य टिप्पणी कांग्रेस के राजनीतिक कुसंस्कारों को प्रकट करती है। पूर्व में कांग्रेस के ‘युवराज’ भी अपने कुसंस्कार का परिचय दे चुके हैं।”
योगी ने लिखा, “कांग्रेस अब हताशा, निराशा, कुंठा और मानसिक दिवालियेपन के शीर्ष स्तर पर पहुंच चुकी है। अब देशवासियों से क्षमा मांगने लायक भी स्थिति उनकी नहीं रही है।’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने शुक्रवार को इस मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय द्वारा देश के यशस्वी एवं लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति की गई अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और कांग्रेस पार्टी की हताश मानसिकता को प्रदर्शित करने वाली है।
भाजपा मुख्यालय से जारी एक बयान में चौधरी ने कहा ‘‘यह बयान केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता की भावनाओं का भी अपमान है, जो प्रधानमंत्री को देश के विकास, सुरक्षा और सम्मान के प्रतीक के रूप में देखती है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में वैचारिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन मर्यादा और शालीनता भारतीय राजनीति की मूल आत्मा है। व्यक्तिगत अपमान और अभद्र टिप्पणियां कांग्रेस के राजनीतिक पतन को और अधिक तेज करेंगी।
चौधरी ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वे तत्काल इस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और अपने नेताओं को संयमित एवं मर्यादित भाषा का प्रयोग करने की सीख दें।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, ‘कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। कांग्रेस द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा निंदनीय है।”
भाषा आनन्द गोला
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