उपराज्यपाल ने लद्दाख के 23 विरासत स्थलों को ‘संरक्षित स्मारक’ घोषित करने की मंजूरी दी

उपराज्यपाल ने लद्दाख के 23 विरासत स्थलों को 'संरक्षित स्मारक' घोषित करने की मंजूरी दी

उपराज्यपाल ने लद्दाख के 23 विरासत स्थलों को ‘संरक्षित स्मारक’ घोषित करने की मंजूरी दी
Modified Date: July 30, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: July 30, 2026 9:26 pm IST

लेह/जम्मू, 30 जुलाई (भाषा) उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश की पुरातात्विक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से लद्दाख भर के 23 विरासत स्थलों को “संरक्षित स्मारक” घोषित करने की मंजूरी दे दी है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि ‘जम्मू कश्मीर प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम’ के तहत जारी इस अधिसूचना में अत्यधिक ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्थल शामिल हैं। इनमें शैलचित्र, प्राचीन चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियां, गुफाएं, मठ, किले और महल शामिल हैं, जिनमें से कई जर्जर स्थिति में थे और जिनके नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था।

इस घोषणा से इन चिह्नित स्मारकों को वैधानिक संरक्षण मिल जाएगा। इससे प्रशासन को उनके वैज्ञानिक संरक्षण व जीर्णोद्धार का काम शुरू करने, अतिक्रमण रोकने, उनके ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने और उनके ऐतिहासिक मूल स्वरूप को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सक्सेना ने कहा, “लद्दाख के प्राचीन मठ, किले, गुफाएं, शैलचित्र और चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियां हमारी समृद्ध सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक पहचान की अनमोल मिसालें हैं। उनका संरक्षण केवल स्मारकों की रक्षा करना नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए हमारी साझी यादों को सुरक्षित रखना है।”

उन्होंने कहा, “इन स्थलों को संरक्षित स्मारक घोषित करके हम उनके वैज्ञानिक संरक्षण, दस्तावेजीकरण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए एक मजबूत संस्थागत नींव रख रहे हैं।”

भाषा सुमित प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में