madhu video fake/ image source: ani x handle
Madhu Kishwar Fake Video Case: नई दिल्ली: नई दिल्ली के सरिता विहार इलाके में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई, जब चंडीगढ़ पुलिस की टीम लेखिका Madhu Kishwar Fake Video Case पहुंची। पुलिस का यह कदम प्रधानमंत्री से जुड़े एक कथित फर्जी वीडियो मामले में पूछताछ और नोटिस देने के लिए उठाया गया। जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बताकर साझा किया गया, जबकि जांच में इसे भ्रामक और फर्जी बताया गया। इसी मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने मधु किश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया और देर रात उनकी लोकेशन पर पहुंचकर नोटिस देने की कार्रवाई की।
#WATCH | Delhi: Chandigarh Police arrives at the office of Madhu Kishwar in Sarita Vihar to serve notice regarding the FIR registered against her.
On 19th April, a complaint was received from a resident of Chandigarh that some forged and misleading social media posts and video… https://t.co/mS8SSDEEH7 pic.twitter.com/UoSPAkO48V
— ANI (@ANI) April 21, 2026
पुलिस के मुताबिक, Madhu Kishwar Fake Video Case चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। सेक्टर-19 थाना क्षेत्र की SHO सरिता रॉय ने बताया कि यह FIR उस वीडियो से संबंधित है, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया था। मधु किश्वर पर आरोप है कि उन्होंने उस वीडियो को रीट्वीट किया। पुलिस टीम उन्हें BNSS की धारा 35.3 के तहत नोटिस देने पहुंची, जिसमें उन्हें निर्धारित तारीख पर पुलिस स्टेशन में पेश होने को कहा गया है। इसके बाद आगे की जांच प्रक्रिया तय की जाएगी।
Delhi: Writer Madhu Kishwar says, “This is not the first time this has happened. Earlier also, similar incidents have taken place in BJP-ruled states against me in Uttar Pradesh, Gorakpur, and nearby areas….But I have said that they should do their job and I will do mine…” pic.twitter.com/vXk3Wra4IR
— IANS (@ians_india) April 21, 2026
नोटिस मिलने के बाद मधु किश्वर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस का नोटिस प्राप्त कर लिया है और आगे इसका जवाब देंगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि उन पर एक नाबालिग से जुड़े मामले में भी आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, जिसमें पोक्सो कानून लगाने की चर्चा हो रही है। हालांकि, उन्होंने इन सभी मामलों को “छोटी बात” बताते हुए कहा कि वह इसे आसानी से संभाल लेंगी। साथ ही उन्होंने रात में पुलिस के आने के तरीके पर भी सवाल उठाया और कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में कुछ नियमों का पालन जरूरी होता है।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी वीडियो को फैलाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही और इसके पीछे मकसद क्या था। पुलिस ने मधु किश्वर समेत अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ BNS की कई धाराओं—196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356-के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और 67 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब डिजिटल ट्रेल खंगाल रही हैं, ताकि इस पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सके।