कोलकाता, 10 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को यहां एक ‘मछली उत्सव’ में हिस्सा लिया और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर यह झूठा विमर्श गढ़ने का आरोप लगाया कि भाजपा विधानसभा चुनाव जीतने पर मछली और मांस खाने पर प्रतिबंध लगा देगी।
घोष ने दोपहर में महानगर के मानिकतला इलाके में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक तापस रॉय के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
घोष ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले अपने प्रचार भाषणों में ‘‘लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ फैलाया और दहशत पैदा करने की कोशिश की।’’
घोष ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “दीदी (ममता बनर्जी) का पूरा चुनावी अभियान झूठ और भ्रामक प्रचार पर आधारित था। राज्य के लोगों ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और एक जोरदार जनादेश के साथ उन्हें खारिज कर दिया।’’
घोष की बात का समर्थन करते हुए मानिकतला से भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक रॉय ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार मत्स्य पालन क्षेत्र को विकसित करने में विफल रही और बंगाल को मछली की मांग पूरी करने के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ा, जबकि पहले वह मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर था।
रॉय ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगी।
ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं के इस दावे पर कि सत्ता में आने पर भाजपा लोगों की खान-पान की आदतों पर आदेश थोपेगी, उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपने चुनाव परिणाम आने के बाद और नयी सरकार बनने के बाद ऐसा कुछ देखा है? जरा हर जगह मछली बाजारों को देखिए।’’
घोष ने यह भी कहा कि मछली और चावल बंगाल के खान-पान का अभिन्न अंग है और लोगों को आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार राज्य की खाद्य संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना जारी रखेगी।
उत्सव के आयोजकों ने दावा किया कि रविवार को आयोजित भोज में लगभग 2,000 लोगों को आमंत्रित किया गया था।
भाषा अमित संतोष
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