कालचिनी/कूचबिहार (पश्चिम बंगाल), 16 अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि जहां उनके राज्य और त्रिपुरा में भाजपा सरकारें बांग्लादेश से घुसपैठ की अनुमति नहीं देती हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी बंगाल में उनका “स्वागत” करती हैं।
असम की सीमा से लगे अलीपुरद्वार जिले में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, शर्मा ने यह भी दावा किया कि तृणमूल सरकार पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की अनुमति नहीं देती है।
उन्होंने आरोप लगाया, “असम और त्रिपुरा में भाजपा सरकारें बांग्लादेश से घुसपैठ की अनुमति नहीं देती हैं, लेकिन (मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी बंगाल में उनका स्वागत करती हैं।”
शर्मा ने कहा कि अवैध आप्रवासन के कारण पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहा है, और दावा किया कि राज्य में हिंदुओं की आबादी घट रही है, जबकि बांग्लादेशी मुसलमानों की आबादी बढ़ रही है।
असम के मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा पूर्वोत्तर राज्य में “निश्चित रूप से जीतेगी” और चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने पर 126 सदस्यीय (असम) विधानसभा में “शतक” बनाएगी।
असम में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को एक ही चरण में हुए थे और मतगणना चार मई को होगी।
उन्होंने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान असम में बांग्लादेशी मुस्लिम आबादी में वृद्धि हुई थी, लेकिन राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद परिदृश्य बदल गया।
शर्मा ने ममता बनर्जी सरकार पर बंगाल और असम में श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में वृद्धि को अस्वीकार करने के लिए चाय बागान मालिकों के साथ मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “जब उन्होंने दैनिक मजदूरी में कोई वृद्धि की घोषणा नहीं की, तो हमने एकतरफा रूप से असम में चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 240 रुपये से बढ़ाकर 280 रुपये कर दी, साथ ही राशन भी देना शुरू कर दिया।”
उत्तरी बंगाल के दुआर क्षेत्र में स्थित इस चाय बागान वाले शहर में शर्मा ने कहा कि उन्होंने असम के इन श्रमिकों से वादा किया है कि अगली भाजपा सरकार उनकी दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 450-500 रुपये कर देगी।
उन्होंने कहा कि असम में चाय बागान श्रमिकों को भूमि अधिकार दिए गए हैं, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घर निर्माण के लिए प्रत्येक को 1.60 लाख रुपये देने का वादा किया है, जबकि बनर्जी ने “उनके कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया है”।
शर्मा ने कहा, “सिर्फ 240 रुपये की दैनिक मजदूरी पर चाय बागान के मजदूर मछली या मांस कैसे खा सकते हैं? ममता जी, उनकी मजदूरी बढ़ाएं ताकि वे भी ऐसा भोजन कर सकें।”
कूचबिहार में एक अन्य रैली में शर्मा ने तृणमूल और बनर्जी पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जीतने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा मांस और मछली के सेवन पर रोक लगा दी जाएगी।
शर्मा ने कहा कि भाजपा शासित असम में कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार जितना चाहे उतना मांसाहारी भोजन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि असम में केवल गोमांस (बीफ) के सेवन पर ही प्रतिबंध है।
शर्मा ने कहा, ‘‘आप धुबरी या गोलपाड़ा जाकर जितनी चाहें मछली और मांस खा सकते हैं, इस पर कोई रोक नहीं है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘(मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी को चिंता है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर यहां बीफ का व्यापार बंद हो जाएगा।’’
शर्मा ने बनर्जी को असम आने और “जितना चाहें उतना मटन और चिकन खाने” का निमंत्रण भी दिया।
असम के मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि तृणमूल चाहती है कि मवेशियों की तस्करी बांग्लादेश में जारी रहे ताकि वे ‘‘अपनी जेबें भर सकें।’’
शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल को ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो राज्य में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी प्रवासियों को उचित “उपचार” प्रदान करने में सक्षम हो।
उन्होंने कहा, “इसके लिए हमें पश्चिम बंगाल के इस चुनाव में भाजपा को विजयी बनाना होगा।”
शर्मा ने कहा कि असम में भाजपा सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि बांग्लादेशी मुसलमान पूर्वोत्तर राज्य में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा न करें।
शर्मा ने दावा किया कि अगर कोई असम में अवैध रूप से प्रवेश करने की हिम्मत करता है, तो उसे तुरंत निर्वासित कर दिया जाता है।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने आरोप लगाया, “लेकिन, जहां मैं उन्हें वापस भेज देता हूं, वहीं ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में उनका नवविवाहित दुल्हनों की तरह स्वागत करती हैं।”
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में – 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को – होंगे। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा प्रशांत नरेश
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