गुना (मप्र), 28 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में गुना की एक अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग बेटी से कई बार दुष्कर्म करने का दोषी ठहराते हुए उसे शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
एक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सुनवाई के दौरान पीड़िता अपनी मां के मुकर जाने के बाद भी अपनी बात पर अड़ी रही।
बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) अदालत की न्यायाधीश सोनाली शर्मा ने कहा कि ‘‘टूट जाने के बावजूद’’ बच्ची इंसाफ पाने के लिए हिम्मत करके अदालत आई।
पीड़िता ने अक्टूबर 2024 में जिले के म्याना पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय उसकी आयु 12 वर्ष थी। पीड़िता ने शिकायत में कहा कि उसके पिता ने कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया।
शिकायत में कहा गया कि उसका शराबी पिता अक्सर उसकी मां के साथ मारपीट करता था और ऐसी ही एक घटना के बाद उसकी मां अपनी सबसे छोटी बेटी के साथ घर छोड़कर चली गई थी।
इसमें कहा गया कि इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता का यौन उत्पीड़न करना शुरू कर दिया और उसे किसी को इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
आखिर में, लड़की ने अपनी मां को आपबीती सुनाई और पुलिस के पास पहुंची जिसके बाद पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर लिया गया।
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी ममता दीक्षित ने कहा कि लड़की की मां सुनवाई के दौरान अपने बयान से पलट गई और उसने पीड़िता को भी अपना बयान बदलने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन नाबालिग अपनी शिकायत पर अड़ी रही। दीक्षित ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट ने अभियोजन के मामले की पुष्टि की।
जिला अभियोजन अधिकारी हजारी लाल बैरवा ने कहा कि अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए बिना किसी छूट के उम्रकैद की सजा सुनाते हुए लड़की के साहस की तारीफ की।
भाषा सं दिमो सिम्मी
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