बस्ते के बोझ से मिलेगी मुक्ति, एचआरडी की नई गाइडलाइन, पहली से दसवीं के स्टूडेंट्स के लिए बैग का वजन तय

बस्ते के बोझ से मिलेगी मुक्ति, एचआरडी की नई गाइडलाइन, पहली से दसवीं के स्टूडेंट्स के लिए बैग का वजन तय

बस्ते के बोझ से मिलेगी मुक्ति, एचआरडी की नई गाइडलाइन, पहली से दसवीं के स्टूडेंट्स के लिए बैग का वजन तय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: November 26, 2018 11:30 am IST

नई दिल्ली। स्कूलों में बच्चों के स्कूल बैग को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस अब समाप्ति की ओर है। जिसके तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय
ने सोमवार को एक गाइड लाईन जारी कर दी है। जिसके तहत अब फिक्स नाप तौल के बाद ही छोटे बच्चे से लेकर 10 वीं क्लास के बच्चे स्कूल बैग लेकर जायेंगे। इतना ही नहीं विभाग ने होमवर्क को लेकर भी कड़ेनियम बनाए गए हैं।

ज्ञात हो कि बच्चो के स्कूल बैग को लेकर कई बार पालको ने गुहार लगाई थी जिसके तहत उनका ये कहना था कि स्कूली बस्तों के भारी भरकम वजन की वजह से बच्चों की कमर पर बुरा असर पड़ रहा है।ज्ञात हो की सोमवार को एच आर डी मिनिस्ट्री ने सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को कहा है कि अब बच्चों के बैग का वजन वही होगा जो मिनिस्ट्री की ओर से तय किया जाएगा।

जानें क्या है क्राइटेरिया

पहली क्लास से दूसरी क्लास: बैग का वजन 1.5 किलोग्राम होना चाहिए.

तीसरी क्लास से चौथी क्लास: बैग का वजन 2 किलोग्राम से 3 किलोग्राम तक.

छठी क्लास से सातवी क्लास: बैग का वजन 4 किलोग्राम तक

आठवीं क्लास से नौंवी क्लास: बैग का वजन 4.5 किलोग्राम तक.

दसवीं क्लास: बैग का वजन 5 किलोग्राम तक होना चाहिए.

इतना ही नहीं अब होमवर्क पर भी नियम कड़े कर दिए गए है जिसमें कहा गया कि अब पहली और दूसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चों को होमवर्क नहीं देना है।


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