मोदी ने ईडी को वित्तीय अपराधों के कैंसर को खत्म करने का अधिकार दिया : केंद्रीय मंत्री चौधरी

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मोदी ने ईडी को वित्तीय अपराधों के कैंसर को खत्म करने का अधिकार दिया : केंद्रीय मंत्री चौधरी

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 05:32 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 05:32 PM IST

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को धन शोधन, कॉरपोरेट धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के ‘कैंसर’ का इलाज करने के लिए ‘मजबूत’ बनाया और अधिक शक्तियां दीं, न कि किसी संस्था को निशाना बनाने के लिए जैसा कि देश के एक विशेष ‘तंत्र’ द्वारा आरोप लगाए गए हैं।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री चौधरी ने केंद्रीय एजेंसी को ‘वित्तीय अपराधों के खिलाफ राष्ट्र की ढाल’ बताते हुए कहा कि यह न केवल पिछली सरकारों के भरोसे पर खरी उतरी है, बल्कि ‘नए मानक’ भी स्थापित किए हैं।

उन्होंने कहा कि ईडी का नाम न केवल भारत में बल्कि एफएटीएफ सहित विभिन्न वैश्विक मंचों पर भी ‘सम्मानित’ है, जिसने इसकी जांच क्षमताओं की प्रशंसा की है।

मंत्री ने यहां आयोजित 70वें ‘ईडी दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। एजेंसी की स्थापना 1956 में इसी दिन हुई थी।

कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि ईडी ‘भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का एक उपकरण’ है और इसका इस्तेमाल उन्हें ‘निशाना बनाने’ के लिए किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में ईडी सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही है। अपने शुरुआती वर्षों में ईडी ने विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (अब निरस्त) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम लागू किया था। तब से इसकी क्षमताओं और कार्यकुशलता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।’’

चौधरी ने हिंदी में दिए अपने भाषण में कहा, ‘‘भारत सरकार ने ईडी पर भरोसा किया, इसलिए इसे धन शोधन निवारण अधिनियम (2005 में) लागू करने का कार्य सौंपा गया।’’

उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा ‘तंत्र’ मौजूद है जो हर समाधान में ‘समस्या’ ढूंढ़ लेता है।

उन्होंने कहा, ‘‘आप कुछ भी करें, ऐसे लोग परेशान होने लगते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में देश की बागडोर संभाली और राष्ट्रीय हित में कड़े फैसले लेने शुरू किए; तब से इस तंत्र की नींव हिल गई है।’’

उन्होंने कहा कि ‘ऐसे लोग’ लगातार ‘रोते’ रहते हैं कि मोदी ने ईडी को ‘बहुत अधिक’ शक्तियां दे दी हैं, लेकिन यह ‘आधा सच’ है।

चौधरी ने पूछा, ‘‘सच तो यह है कि ईडी को ये शक्तियां वित्तीय अपराधों को कुचलने के लिए दी गई थीं, न कि किसी को निशाना बनाने के लिए। सवाल यह है कि ये शक्तियां क्यों आवश्यक थीं?’’

उन्होंने कहा कि ये शक्तियां इसलिए आवश्यक थीं क्योंकि देश में धन शोधन, हवाला, बेनामी संपत्ति रखना, कॉरपोरेट धोखाधड़ी और आतंकवाद के लिए वित्तपोषण जैसे अपराध ‘बढ़ रहे’ थे। इसका कारण काला धन विदेशों में भेजा जाना, बैंकों के माध्यम से होने वाले घोटाले और आम आदमी का पैसा कुछ मुट्ठी भर लोगों की जेब में जाना था।

राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘इस तरह के अपराध देश, समाज और आम आदमी के लिए कैंसर से कम नहीं हैं और हम जानते हैं कि कैंसर का इलाज मीठी गोली से नहीं किया जा सकता। माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी परिणाम चाहते हैं, इसलिए ईडी को पहले से अधिक मजबूत किया गया है।’’

चौधरी ने कहा, ‘‘मैं कुछ लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखना गलत है, क्या बैंक धोखाधड़ी में लूटा गया पैसा वापस लाना गलत है, और क्या आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना गलत है? ईडी वित्तीय अपराधों के खिलाफ देश की ढाल है। यह कानून (पीएमएलए) किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।’’

चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का रुख ‘भ्रष्टाचार को कत्तई बर्दाश्त नहीं करने’ का है, चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो।

उन्होंने कहा, “अगर किसी ने देश का पैसा लूटा है, तो कानून के सामने सभी बराबर हैं।’’ चौधरी ने कहा कि सभी ‘भगोड़ों’ को देश वापस लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ईडी को देश को ‘बचाने’, आम आदमी के पैसे को ‘बचाने’ और भारत की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की शक्ति दी गई है।

चौधरी ने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री जी आलोचना की परवाह किए बिना देश के हित में निर्णय लेते हैं।’’

मंत्री ने ईडी अधिकारियों को इस विशेष दिवस पर बधाई दी और कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण, साहस और निष्ठा की सराहना की।

चौधरी ने धन शोधन निवारण कानून के तहत ईडी द्वारा की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष के अंत (31 मार्च, 2026) तक एजेंसी ने 2.36 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।

इस जब्ती का एक चौथाई हिस्सा, यानी 63,000 करोड़ रुपये, बैंकों, निवेशकों और गृह खरीदारों जैसे इसके वास्तविक स्वामियों को ‘वापस’ कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ईडी इस कार्य के लिए प्रशंसा की पात्र है।

चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में बैंक प्रबंधन और भुगतान संतुलन (बैलेंस शीट) में सुधार के लिए कुछ ‘महत्वपूर्ण’ कदम उठाए हैं।

मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भूमिकाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई ईडी अधिकारियों को सम्मानित किया।

भाषा संतोष नरेश

नरेश