कोलकाता, आठ मार्च (भाषा) ममता बनर्जी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच अभूतपूर्व जुबानी जंग और उसके बाद उत्पन्न राजनीतिक एवं प्रशासनिक विवाद को एक नए स्तर पर ले जाते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर किए गए मोदी के हमले का खंडन किया।
अपने दावे के समर्थन में बनर्जी ने प्रधानमंत्री की एक बड़ी तस्वीर दिखाई, जिसमें वह भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के साथ एक कार्यक्रम में बैठे हुए थे और राष्ट्रपति उनके बगल में खड़ी थीं।
यह तस्वीर कथित तौर पर मार्च 2024 के उस कार्यक्रम की थी, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू ने आडवाणी को उनके नयी दिल्ली स्थित आवास पर देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया था।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कहा, ‘‘तस्वीर में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री बैठे हैं जबकि राष्ट्रपति खड़ी हैं। हम ऐसा कभी नहीं करते। राष्ट्रपति का अपमान करने की संस्कृति भाजपा की है, हमारी नहीं।’’
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए कहा कि राज्य की जागरूक जनता एक महिला आदिवासी नेता और देश की राष्ट्रपति का ‘‘अपमान’’ करने के लिए पार्टी को कभी माफ नहीं करेगी।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में यह बात कही।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने जोर देकर कहा कि सिलीगुड़ी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में अगर कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी निजी आयोजकों व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की है, जिसने कार्यक्रम स्थल उपलब्ध कराया था।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने शनिवार को एक ट्वीट किया था, जिसका मैंने जवाब दिया है। मैंने कहा था कि कार्यक्रम का आयोजन राज्य द्वारा नहीं, बल्कि एक निजी संस्था द्वारा किया गया था। राज्य ने पत्र भेजकर कहा था कि निजी संस्था के पास इस तरह के आयोजन की क्षमता नहीं है। उन्होंने हमें इसमें शामिल नहीं किया।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजकों की अक्षमता की आशंकाओं के बावजूद, राष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार करने का निर्णय स्वयं लिया था।
बनर्जी ने कहा, ‘‘कार्यक्रम में लोगों के न आने के आरोप के लिए हमें कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? जिम्मेदारी उस संगठन की है जिसने कार्यक्रम का आयोजन किया था। उन्होंने हमें कार्यक्रम स्थल पर अपने लोगों को भेजने के लिए कभी नहीं कहा। उन्होंने हमें सिर्फ कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी।’’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री और किसी भी मंत्री के न मिलने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
राष्ट्रपति एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां पहुंची थीं।
मुर्मू ने सिलीगुड़ी के पास अपने कार्यक्रम के स्थान में बदलाव पर भी असंतोष जताया था।
ममता ने कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं थी और निजी आयोजकों ने भी इस बारे में उनसे कोई जानकारी नहीं ली थी।
ममता ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर कथित गंदगी, महिलाओं के लिए शौचालयों की कमी की जिम्मेदारी कार्यक्रम प्रबंधकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की है।
यह कार्यक्रम भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की जमीन पर हुआ था।
उन्होंने कहा, “हमने कार्यक्रम स्थल नहीं चुना, आपने चुना।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बागडोगरा में उनका स्वागत किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए धरने पर बैठी हूं। मैं कैसे जा सकती हूं?’’
ममता ने कहा, ‘‘आप विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल को निशाना बना रहे हैं और जो मन में आए वो बोल रहे हैं। क्यों?’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने को लेकर कथित तौर पर उनकी आलोचना करने के लिए मोदी पर भी जमकर निशाना साधा।
बनर्जी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री हमारे महिला दिवस समारोह पर सवाल उठा रहे हैं। बेशक, हम इसे मनाएंगे। हम अपने भाइयों और बहनों का सम्मान करते हैं। वे हमारे देश, हमारे समाज, हमारे परिवारों को चलाते हैं। महिला दिवस मनाने के लिए हमारी आलोचना करने का आपको कोई अधिकार नहीं है।’’
भाषा
शफीक नरेश
नरेश