उत्तराखंड, कर्नाटक और त्रिपुरा में 85 प्रतिशत से अधिक घरों में पानी के कनेक्शन

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उत्तराखंड, कर्नाटक और त्रिपुरा में 85 प्रतिशत से अधिक घरों में पानी के कनेक्शन

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 04:23 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 04:23 PM IST

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) उत्तराखंड, कर्नाटक और त्रिपुरा राज्यों ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत 86 से 98 प्रतिशत तक घरों में पानी के कनेक्शन मुहैया करा दिए हैं।

जल शक्ति मंत्रालय के साथ हस्ताक्षरित सुधार-संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) से जेजेएम 2.0 के तहत ‘‘सेवा-आधारित और समुदाय-केंद्रित’’ ग्रामीण जल वितरण प्रणाली के और मजबूत होने की उम्मीद है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड ने 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख को नल से जल के कनेक्शन उपलब्ध करा दिए हैं, जिससे लगभग 98 प्रतिशत परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। जल संकट से जूझ रहे राज्यों में से एक कर्नाटक ने लगभग 87 प्रतिशत परिवारों को इस योजना में शामिल किया है जबकि त्रिपुरा ने 86 प्रतिशत कनेक्शन मुहैया कराए हैं। त्रिपुरा में मिशन की शुरुआत के समय 2019 में लगभग तीन प्रतिशत परिवारों के पास ही पानी के कनेक्शन उपलब्ध थे।

जल शक्ति मंत्रालय के तहत पेयजल और स्वच्छता विभाग तथा तीनों राज्य सरकारों के बीच 29 अप्रैल को हस्ताक्षरित समझौतों में मजबूत जन भागीदारी और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के सतत संचालन तथा रखरखाव (ओ एंड एम) के लिए संरचनात्मक सुधारों पर जोर दिया गया।

जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा, ‘‘जल जीवन मिशन महज एक योजना नहीं है, बल्कि जीवन में बदलाव लाने वाला मिशन है जो स्वास्थ्य, प्रतिष्ठा और जीवन की गुणवत्ता में मूलभूत सुधार ला रहा है, जो विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए अधिक महत्वपूर्ण है।’’

पाटिल ने कहा कि इस मिशन को मूल रूप से मई 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था और अब 100 प्रतिशत परिवारों को पानी का कनेक्शन मुहैया कराने के मकसद से इसे दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस समझौते से जेजेएम कार्यों में तेजी आएगी जो हिमालयी राज्य में ‘‘14 लाख ग्रामीण परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है’’।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने राज्य में “87 प्रतिशत प्रगति” की सराहना की, जबकि इसे देश का दूसरा सबसे शुष्क राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर जल संकट के बावजूद राज्य आगे बढ़ रहा है।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य जेजेएम के तहत तेजी से प्रगति करते हुए 86 प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंच गया है, जबकि योजना शुरू होने के समय यह सिर्फ तीन प्रतिशत थी।

भाषा यासिर अविनाश

अविनाश