नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक बनकर उभरा है। इसके तहत 93.95 करोड़ से अधिक खाते बनाए गए हैं, 105 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड इससे जोड़े गए हैं तथा राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्री में 5.33 लाख स्वास्थ्य केंद्रों एवं 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवरों का पंजीकरण किया गया है।
इस संबंध में एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस पहल के तहत 2.72 लाख स्वास्थ्य केंद्रों ने एबीडीएम-सक्षम सॉफ्टवेयर अपनाया है। इससे तेजी से ओपीडी पंजीकरण के लिए लगभग 24 करोड़ स्कैन और रजिस्टर टोकन जारी हुए हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी का आसानी से और सहमति-आधारित आदान-प्रदान संभव हुआ है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में ‘मिशन स्टीयरिंग ग्रुप’ की तीसरी बैठक में ये बातें सामने आई।बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई और भारत के डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितक तंत्र को और मज़बूत करने की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
बयान में कहा गया कि बैठक को संबोधित करते हुए जे.पी. नड्डा ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार, निरंतर स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने और नागरिकों को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक सुरक्षित एवं सहमति-आधारित पहुंच के माध्यम से सशक्त बनाने में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने जोर दिया कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए प्रौद्योगिकी को एक प्रभावी साधन के रूप में लगातार काम करना चाहिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवाएं समावेशी, सुलभ और उपयोग में आसान हों।
बैठक के दौरान ‘मिशन स्टीयरिंग ग्रुप’ ने पिछली बैठक में लिए गए फैसलों पर हुई प्रगति की समीक्षा की। इन फैसलों में दक्षता विकास की पहल, राज्य-स्तर पर लागू करने के तरीकों को मजबूत करना, सरकारी कार्यक्रमों में डिजिटल स्वास्थ्य मंच को जोड़ना, निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की अधिक भागीदारी और डिजिटल स्वास्थ्य स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल थे।
बयान में कहा गया है कि ‘मिशन स्टीयरिंग ग्रुप’ ने मॉडल डिस्ट्रिक्ट, मॉडल स्वास्थ्य केंद्र और आरोग्य सेतु 2.0 जैसी पहलों के जरिए राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में एबीडीएम के तेजी से विस्तार की सराहना की। साथ ही, आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई, सीजीएचएस, ईएसआईसी और निक्षय जैसे सरकार के प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ इसके एकीकरण को मजबूत करने की दिशा में हुई प्रगति को भी सराहा।
भाषा सुरभि रंजन
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