चंडीगढ़, पांच अप्रैल (भाषा) पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने राज्य में दो लाख से अधिक परिवारों को नकदी रहित चिकित्सा उपचार प्रदान किया है, जिससे उन लोगों का आर्थिक बोझ कम हुआ है।
सिंह ने कहा कि यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि मरीजों को लागत की चिंता किए बिना उपचार मिले, जिसमें नवजात शिशु की देखभाल से लेकर बड़ी सर्जरी और लंबी बीमारियों के इलाज तक की सेवाएं शामिल हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 22 जनवरी को मुख्यमंत्री सेहत योजना का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। इस संशोधित स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी निवासी प्रत्येक परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक के नकदी रहित चिकित्सा उपचार के हकदार हैं।
अधिकारियों के अनुसार, 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों के माध्यम से लगभग 40,000 सर्जरी सहित दो लाख से अधिक उपचारों पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
सामान्य उपचारों में डायलिसिस, हृदय संबंधी उपचार, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, कैंसर का इलाज और मधुमेह तथा श्वसन संबंधी बीमारियों का उपचार शामिल हैं।
सिंह ने बताया कि किडनी से संबंधित बीमारी के लिए इस योजना के तहत 68,000 से अधिक रोगियों को डायलिसिस की सेवा मिल रही है, जिस पर 14 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कैंसर के 14,000 से अधिक रोगियों का उपचार किया जा रहा है, जिनकी कीमोथेरेपी और विकिरण सहित अन्य उपचार में 35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं, जबकि ‘एंजियोप्लास्टी’ और ‘पेसमेकर’ प्रत्यारोपण जैसे 5,700 से अधिक हृदय संबंधित उपचार पर 47 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं।
मंत्री ने कहा कि बगैर कर्ज लिए या वित्तीय तनाव का सामना किए बिना ही इस योजना के जरिए समय पर इलाज संभव हो रहा है।
भाषा यासिर रंजन
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