नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया, पुलिस कार्रवाई की निंदा की
नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया, पुलिस कार्रवाई की निंदा की
नई दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने बुधवार को कहा कि उनका दिल दुख रहा है और वह अमेरिकी आईसीई एजेंटों की याद दिलाने वाले नकाबपोश ‘गुंडों’ द्वारा युवाओं के साथ किए गए अन्याय से बेहद आक्रोशित हैं।
शाह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक भावुक वीडियो में कहा, ‘‘सब याद रखा जाएगा।’’ उन्होंने छात्रों से लड़ाई जारी रखने के लिए कहा।
यह वीडियो शहर में हजारों लोगों (जिनमें अधिकतर छात्र थे)ṁ पर पुलिस की कार्रवाई के दो दिन बाद आया। ये लोग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करने और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों व नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए ‘चलो संसद’ के आह्वान पर राजधानी की सड़कों पर उतरे थे।
उनकी पत्नी और अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह ने भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि जब भी छात्र बुलाएंगे, वे उनके साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं।
सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों से अपनी लड़ाई जारी रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय मेरा दिल दुख रहा है और मैं गुस्से से उबल रहा हूं। मैं देख रहा हूं कि हमारे बच्चों के साथ ये गुंडे (जो नकाब पहने और लाठियां लिए हुए अमेरिकी आईसीई एजेंटों की याद दिलाते हैं) कैसा अन्याय कर रहे हैं। कभी अपने बच्चों के बारे में सोचिए और जान लीजिए कि एक दिन आपको अपने कामों का नतीजा जरूर भुगतना पड़ेगा।’’
अभिनेता (76 वर्ष) ने कहा कि वह हमेशा छात्रों को ही अपना सबसे अच्छा शिक्षक मानते रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों से मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें, क्योंकि बहुत से लोगों की सहानुभूति आपके साथ है। कई लोग आपके साथ हैं, लड़ते रहिए। मुझे हमेशा से अपने देश के युवाओं पर भरोसा रहा है और अब यह भरोसा और मजबूत हुआ है। आप अपनी लड़ाई लड़ते रहिए, हम सब आपके साथ हैं। और इस देश के शासकों से मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि ‘सब याद रखा जाएगा’।’’
अपनी बात पर जोर देने के लिए रत्ना पाठक शाह ने एकलव्य की उस कहानी का जिक्र किया जो उन्होंने बचपन में सुनी थी।
रत्ना ने कहा, ‘‘मैं हैरान रह गई थी… भला कैसा गुरु होगा जो किसी बच्चे, अपने ही शिष्य से उसका पूरा भविष्य ही मांग ले? उस समय घर के बड़ों ने मुझे समझाया कि यह कहानी गुरु के बारे में नहीं, बल्कि शिष्य और गुरु के प्रति उसकी निष्ठा, कुछ सीखने के उसके संकल्प और उसके त्याग के बारे में है। मैं उनकी बात से सहमत तो थी, लेकिन कभी भी पूरी तरह से इस बात को स्वीकार नहीं कर पाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब मुझे पता है कि वह किस तरह के गुरु थे और हमारे आस-पास ऐसे गुरु कैसे होते हैं? हम ‘विश्वगुरु’ बनने की बात तो करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से जुड़ भी नहीं पाते। वाह, आप किस तरह के गुरु हैं? हम चाहते हैं कि बच्चे अपना भविष्य कुर्बान कर दें ताकि सत्ता में बैठे कुछ लोग बच सकें?’’
‘कपूर एंड सन्स’ की अभिनेत्री ने छात्रों से माफी मांगी और कहा कि आज के हालात के लिए उनकी पीढ़ी जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम देख सकते थे कि बात किस तरफ बढ़ रही है, लेकिन हम इसे सही समय पर और सही तरीके से रोक नहीं पाए। इसीलिए मुझे नहीं लगता कि अब हमें आपको उपदेश देने या रास्ता दिखाने का कोई अधिकार है। लेकिन हम पूरे दिल और ईमानदारी से आपके साथ खड़े हैं। जब भी आप बुलाएंगे, हम आपके साथ होंगे।’’
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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