नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने बिहार के जमुई में एक किशोरी और उसके पुरुष साथी को रोककर उनके साथ कथित तौर पर की गई मारपीट और उत्पीड़न की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है।
आयोग का यह बयान, 19 सितंबर की शाम को कोचिंग से लौट रहे किशोर और किशोरी को लोगों के एक समूह द्वारा रोके जाने के संबंध में मीडिया में आई खबरों के बाद आया है। उन दोनों को घेर लिया गया, पूछताछ और पिटाई की गई तथा किशोरी के साथ कथित तौर पर छेड़खानी की गई और फिर उन्हें वहां से जाने दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
आयोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राष्ट्रीय महिला आयोग ने बिहार के जमुई जिले में एक किशोरी के साथ कथित तौर पर सरेआम छेड़खानी, किशोरी और उसके पुरुष साथी के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है।’’
आयोग ने कहा कि मीडिया में आई खबरों और वायरल वीडियो के अनुसार, शाम के समय कुछ लोगों ने उन दोनों को घेर लिया, किशोरी को पकड़कर खींचा और उसके साथ अभ्रद व्यवहार किया तथा उसके साथी के साथ मारपीट भी की।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने तथा सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने पीड़ितों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने के अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक वीडियो को साझा किए जाने से रोकने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
आयोग ने मामले में सात दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है।
आयोग ने कहा, ‘‘महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और निजता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है।’’
भाषा राखी सुभाष
सुभाष