मुरथल के ढाबों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर एनजीटी ने हरियाणा सरकार से नाराजगी जताई

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मुरथल के ढाबों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर एनजीटी ने हरियाणा सरकार से नाराजगी जताई

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  • Publish Date - June 9, 2021 / 12:55 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:05 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मुरथल में पर्यावरण संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामले में सड़क किनारे स्थित रेस्तरां और ढाबों के खिलाफ ‘सार्थक कार्रवाई’ नहीं किये जाने पर बुधवार को हरियाणा सरकार से नाराजगी जताई और कहा कि वह मामले को हल्के में ले रही है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने हरियाणा के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि इस लापरवाही वाले व्यवहार के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने समेत उचित कदम उठाये जाएं।

पीठ ने कहा, ‘‘हमने देखा कि यह कहने के अलावा अनुपालन रिपोर्ट में कुछ भी नहीं है कि सीपीसीबी द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार हरियाणा सरकार कार्रवाई करेगी।’’

उसने कहा, ‘‘लगता है कि अधिकारियों ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को औपचारिकता मानते हुए मामले को हल्के में लिया है। अधिकरण ने जमीनी स्तर पर सार्थक कार्रवाई की अपेक्षा की थी लेकिन अंतिम सुनवाई के बाद लंबा वक्त रहते हुए भी कार्रवाई नहीं की गयी।’’

एनजीटी ने मुख्य सचिव से अगली तारीख से पहले ई-मेल से अनुपालन रिपोर्ट जमा करने को कहा।

मामले में आगे 22 अक्टूबर को विचार-विमर्श किया जाएगा।

एनजीटी हरियाणा निवासी अभय दहिया और अन्य की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने सोनीपत जिले के मुरथल में जी टी रोड पर ढाबों और रेस्राओं द्वारा गैरकानूनी तरीके से कचरे की डंपिंग और उसे जलाए जाने का मुद्दा उठाया था।

भाषा वैभव नरेश

नरेश