नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जिलाधिकारी को एक ताजा रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें जिले के सभी जलाशयों का ब्योरा, उनके क्षेत्राधिकार और उन पर हुए अतिक्रमण की जानकारी दी जाए।
हरित अधिकरण जिले के जलाशयों के पुनरुद्धार से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने 14 जुलाई के अपने आदेश में कहा कि जिले में नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का क्षेत्राधिकार है।
पीठ ने कहा कि जिलाधिकारी ने 10 जुलाई को एक रिपोर्ट दाखिल की थी लेकिन उसमें प्रत्येक जलाशय के पुराने राजस्व अभिलेखों के अनुसार क्षेत्रफल, अतिक्रमण किये गए क्षेत्र तथा अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं थीं।
अधिकरण ने कहा, ‘‘इसलिए हम जिलाधिकारी को निर्देश देते हैं कि वह उपर्युक्त टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए नयी रिपोर्ट दाखिल करें और उसमें सारणीबद्ध रूप में जिले के तालाबों एवं अन्य जलाशयों का ब्योरा, तीनों प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र के अनुसार उनका विवरण, प्रत्येक जलाशय का क्षेत्रफल तथा उस पर हुए अतिक्रमण का क्षेत्र स्पष्ट रूप से दर्शाएं।’’
मामले में आगे की सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
भाषा अमित नरेश
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