एनआईए ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी से जुड़े आतंकी वित्तपोषण मामले में कश्मीर में छापे मारे

एनआईए ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी से जुड़े आतंकी वित्तपोषण मामले में कश्मीर में छापे मारे

एनआईए ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी से जुड़े आतंकी वित्तपोषण मामले में कश्मीर में छापे मारे
Modified Date: May 25, 2026 / 07:05 pm IST
Published Date: May 25, 2026 7:05 pm IST

श्रीनगर, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े आतंक वित्तपोषण के एक मामले में अपनी जांच के तहत सोमवार को कश्मीर घाटी में छापे मारे।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर और शोपियां जिलों में तीन स्थानों पर ली गई तलाशी में कई आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनके जमात-ए-इस्लामी और जम्मू कश्मीर में इसके विभिन्न ट्रस्ट या संगठनों की गतिविधियों से जुड़े होने का संदेह है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एनआईए अधिकारियों ने शोपियां के इमाम साहिब में स्थित स्कूल- दारुल उलूम सिराजुल उलूम में तलाशी ली, जिसे पिछले महीने ‘अवैध निकाय’ घोषित किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के एक दल ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के जिले के मोलू चित्रगाम स्थित घर में और श्रीनगर के लाल बाजार इलाके में लड़कियों के धार्मिक स्कूल जमीयत उल बनात में भी तलाशी ली।

एनआईए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गैरकानूनी घोषित जमात-ए-इस्लामी की अलगाववादी गतिविधियों की जांच कर रही है।

अब तक की जांच से पता चला है कि जमात-ए-इस्लामी घाटी और भारत के दूसरे हिस्सों में आतंकवाद के लिए धन जमा करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने में सक्रियता से शामिल था।

एनआईए के एक बयान में कहा गया, ‘‘यह स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी परमार्थ और कल्याणकारी गतिविधियों के लिए चंदे के नाम पर देश और विदेश में धन इकट्ठा करने में लगा हुआ था।’’

एनआईए के एक बयान में कहा गया है, ‘‘यह ऐसे धन को हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों में लगा रहा था, और हिज्बुल-मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और अन्य संगठनों को अपने कैडरों के भलीभांति संगठित नेटवर्क के ज़रिए भी धन भेज रहा था।’’

इसमें कहा गया है कि जमात-ए-इस्लामी की आतंकी साजिश में अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कश्मीरी युवाओं को नए सदस्य (‘रुकुन’) के तौर पर भर्ती करना भी शामिल था।

बयान में कहा गया है कि एनआईए इस मामले की जांच जारी रखे हुए है, ताकि संगठन की अलगाववादी गतिविधियों को खत्म किया जा सके और जम्मू कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को खत्म किया जा सके।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


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