एनआईए ने पीएफआई के नेता की हिरासती पैरोल से संबंधित याचिका का विरोध किया

एनआईए ने पीएफआई के नेता की हिरासती पैरोल से संबंधित याचिका का विरोध किया

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  • Publish Date - April 25, 2025 / 04:50 PM IST,
    Updated On - April 25, 2025 / 04:50 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के नेता ओएमए सलाम की 15 दिन की हिरासती पैरोल संबंधी याचिका का विरोध किया।

सलाम को प्रतिबंधित संगठन और उसके सदस्यों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

सलाम ने अपनी बेटी की मौत से संबंधित रस्मों में शामिल होने के लिए केरल में अपने गृहनगर जाने की अनुमति मांगी है।

एनआईए के वकील ने कहा कि सलाम की बेटी की एक साल पहले मौत हो गई थी और एजेंसी को आरोपी के एक दिन के लिए गृहनगर जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन 15 दिन की हिरासती पैरोल संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है जो 15 दिन तक चलता हो। उन्होंने दावे की पुष्टि के लिए अदालत से समय मांगा।

न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा ने सुनवाई की अगली तारीख 28 अप्रैल तय करते हुए कहा कि एनआईए को अब तक कार्यक्रम की पुष्टि कर लेनी चाहिए थी।

न्यायाधीश ने कहा, “कार्यक्रम का नाम दिया गया है। आपको अब तक सत्यापन कर लेना चाहिए था। एजेंसी का नेटवर्क सभी स्थानों पर है।”

सलाम के वकील ने कहा कि स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार बेटी की कब्र और घर पर नमाज पढ़ना, तथा पवित्र ग्रंथ की आयतों का पाठ करने समेत कुछ धार्मिक अनुष्ठानों का पालन किया जाना आवश्यक है।

वकील ने कहा कि यह अनुष्ठान 18 अप्रैल से दो मई के बीच होना है। उन्होंने अदालत से कम से कम छह दिन की हिरासती पैरोल देने का आग्रह किया।

हिरासती पैरोल के तहत सशस्त्र पुलिस कर्मी कैदी को संबंधित स्थान तक ले जाते हैं।

एनआईए ने 2022 में पीएफआई के अध्यक्ष सलाम को गिरफ्तार किया था।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश