निर्भया गैंगरेप केस, एक ही लीवर से जुड़ा रहेगा फंदा, 20 मार्च सुबह 5 बजे चारों दोषियों को होगी फांसी

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निर्भया गैंगरेप केस, एक ही लीवर से जुड़ा रहेगा फंदा, 20 मार्च सुबह 5 बजे चारों दोषियों को होगी फांसी

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  • Publish Date - March 19, 2020 / 05:34 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:31 PM IST

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को 20 मार्च यानी कल सुबह 5 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। चारों दोषी इस खबर से बेहद बेचैन हैं। वह सुबह-शाम को मिलने वाला खाना भी कम खा रहे हैं। रात को देर तक जगे रहते हैं। बताया गया कि इन दिनों चारों दोषियों को लाल कपड़े पहनाए गए हैं।

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इनमें लाल कमीज, लाल बनियान, लाल कच्छा, लाल रंग की पैंट शामिल है। सूत्रों का कहना है कि लाल कपड़ों के अलावा उनके मामले की फाइल का रंग भी लाल है। लाल रंग के कपड़ों का मतलब है कि वह डेंजर जोन में हैं। फाइल लाल रंग की होने से मतलब है कि वह किसी भी टेबल पर जाएगी तो समझ में आ जाएगा कि यह किस मामले की फाइल है।

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सूत्रों ने बताया है कि सभी दोषियों को फांसी की सजा देने से पहले चारों को उनकी ही सेल में नहलाया जाएगा। चारों को फांसी देने के बाद जेल नंबर तीन को दूसरे कैदियों के लिए थोड़ा देरी से खोला जाएगा। फांसी की सुबह जेल अधिकारी, जेल स्टॉफ और इलाके के एसडीएम समय से पहले ही तीन नंबर जेल पहुंचेंगे। एसडीएम का इशारा मिलने के बाद जल्लाद चारों को फांसी देगा।

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बुधवार को पवन जल्लाद ने चारों दोषियों के पुतलों को एक साथ फांसी दी गई। ट्रायल के दौरान जेल के डीजी सहित अन्य अधिकारी और डॉक्टरों की पूरी टीम मौजूद रही। जल्लाद एक-एक कर चारों दोषियों के मानव पुतलों को उनके सेल के पास से लेकर फांसी कोठी तक आया।

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इस दौरान फांसी कोठी तक पहुंचने में जल्लाद ने कितना समय लिया उसका समय भी नोट किया गया। फांसी के तख्ते पर लाने के बाद जल्लाद ने मानव पुतलों की गर्दन में फांसी का फंदा डाला और उनके चेहरे पर काला टोप पहनाया। चारों मानव पुतलों के पैरों के नीचे रेत की बोरी बांधी गई थी जो फांसी के तख्ते के नीचे बने तहखाने तक जानी थी।

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जेल सूत्रों ने बताया कि फांसी कोठी के पास बनी अन्य सेल को खाली करा लिया गया है। चारों दोषियों की सेल के बाहर टीएसपी और जेल के सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इनकी तीन-तीन घंटे के बाद ड्यूटी बदल रही है। चारों दोषियों को 20 मार्च की सुबह पांच बजे फांसी दी जानी है।