Karnataka Egg Controversy: क्या आप भी रोज खाते हैं अंडा? रुकिए! इस खबर को पढ़ने के बाद शायद आप उसे हाथ भी न लगाएं, जाने क्यों ?
कर्नाटक की एक कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए अंडों में प्रतिबंधित रसायन नाइट्रोफ्यूरान पाए जाने के बाद FSSAI ने पूरे देश में अंडों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। यह रसायन इंसानों में जमा होकर लिवर, किडनी और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
karnataka Egg Controversy/ Image Source : X
- कर्नाटक के अंडों में नाइट्रोफ्यूरान मिला।
- FSSAI ने पूरे देश में जांच के निर्देश दिए।
- नाइट्रोफ्यूरान से कैंसर और अंगों को नुकसान का खतरा।
नई दिल्ली : कर्नाटक की एक बड़ी कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए अंडों में प्रतिबंधित रसायन ‘नाइट्रोफ्यूरान’ (Nitrofuran) (Nitrofuran in Eggs India) पाए जाने के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पूरे देश में अंडों के सैंपल की सघन जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी राज्यों में बाजार में बिक रहे अंडों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर सैंपलिंग शुरू की गई है।
क्या है नाइट्रोफ्यूरान ?
दरअसल, नाइट्रोफ्यूरान एक सिंथेटिक एंटीमाइक्रोबियल ड्रग (दवा) है। इसका इस्तेमाल मुर्गी, मछली और झींगा जैसे पशु-उत्पादों में बीमारियों को रोकने के लिए किया जाता था। (Banned chemical in Karnataka eggs,)हालांकि, इसके घातक प्रभाव के कारण भारत समेत दुनिया के कई देशों में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा चुका है। आपको बता दे की जब यह रसायन पशुओं को दिया जाता है, तो इसके अवशेष उनके मांस और अंडों में रह जाते हैं। जब इंसान इन्हें चीज़ो को खता है तो यह इंसानों में प्रवेश करता है।
इंसानो के लिए क्यों है खतरनाक ?
नाइट्रोफ्यूरान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह शरीर से आसानी से बाहर नहीं निकलताम, जब हम संक्रमित अंडा या मांस खाते हैं, तो इसके अवशेष हमारे टिश्यूज और अंगों में जमा होने लगते हैं। (Nitrofuran side effects on humans) आप जितनी बार ऐसा भोजन करते हैं, शरीर में इसकी मात्रा उतनी ही बढ़ती जाती है। नाइट्रोफ्यूरान के अवशेष कार्सिनोजेनिक होते हैं। इसका मतलब है कि शरीर में इसकी मौजूदगी कोशिकाओं को असामान्य रूप से बढ़ने के लिए उकसाती है, जिससे भविष्य में कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है चूँकि यह शरीर में जमा होता है, इसका सबसे बुरा असर लिवर, किडनी में पड़ता है।
फ़िलहाल कर्नाटक के मामले के बाद FSSAI ने सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को सतर्क कर दिया है।( Is it safe to eat eggs in India right now?) बाजार में बिक रहे अंडों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर सैंपलिंग शुरू की गई है।

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