प. बंगाल में कानून व्यवस्था में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी: ज्ञानेश कुमार

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प. बंगाल में कानून व्यवस्था में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी: ज्ञानेश कुमार

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 07:20 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 07:20 PM IST

कोलकाता, नौ मार्च (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

कुमार ने राज्य में मादक पदार्थ संबंधी सलाहकार समिति के नहीं होने पर भी सवाल उठाया।

ये मुद्दे निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ की राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उठे, जिसका उद्देश्य अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आकलन करना था।

निर्वाचन आयोग ने राज्य प्राधिकारियों को चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने या स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “आयोग ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि चुनाव संबंधी कानून-व्यवस्था में चूक या अवैध गतिविधियों की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

अधिकारियों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राज्य पुलिस से यह स्पष्टीकरण मांगा कि पश्चिम बंगाल में अन्य राज्यों की तरह मादक पदार्थ संबंधी सलाहकार समिति क्यों नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि जब महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) विनीत गोयल ने जवाब देने का प्रयास किया, तो उन्हें तत्काल सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

अधिकारी ने कहा, ‘समीक्षा बैठक के दौरान, आयोग ने राज्य में मादक पदार्थ संबंधी सलाहकार समिति के अभाव पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को जल्द से जल्द उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।’

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कई प्रवर्तन एजेंसियों को खामियों के लिए फटकार लगाई जिनमें आबकारी विभाग, नारकोटिक्स प्राधिकारी, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आबकारी विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि चुनाव से पहले मादक पदार्थ का उत्पादन और वितरण ना बढ़े। उन्होंने बताया कि प्राधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब उत्पादन को रोकने के लिए कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया।

मुख्य चुनाव आयोग ने आरबीआई को निर्देश दिया कि वह सभी जिलों में वित्तीय लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखे ताकि चुनाव अवधि के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए काले धन का इस्तेमाल ना हो सके।

निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा, ‘आरबीआई को सभी जिलों में कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि चुनाव अवधि के दौरान बेहिसाब नकदी का कोई भी लेन-देन न हो सके।’

बैठक के दौरान, विभिन्न जिलों के जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने भी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में तैयारियों पर प्रस्तुतियां दीं।

भाषा अमित नरेश

नरेश