नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) उपहार सिनेमा हॉल में आग लगने की घटना के 29 वर्ष पूरे होने पर ‘एसोसिएशन ऑफ विक्टिम्स ऑफ उपहार ट्रेजडी’ (एवीयूटी) ने लापरवाही के कारण होने वाली मौतों के मामलों में कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी मांग दोहराई।
संगठन ने कहा कि दिल्ली में बार-बार होने वाली आग लगने की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि इस त्रासदी से कोई सबक नहीं सीखा गया है।
‘एसोसिएशन’ द्वारा जारी बयान के अनुसार, 13 जून 1997 को हुई इस भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वाले 59 लोगों और घायलों की स्मृति में ग्रीन पार्क में पहले के उपहार सिनेमा स्थल के सामने वार्षिक हवन और शांति पाठ का आयोजन किया गया।
बयान में एवीयूटी की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने कहा कि वर्षों के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों में कुछ सुधार अवश्य हुए हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन और पालन अभी भी कमजोर बना हुआ है।
‘एसोसिएशन’ ने कहा कि हाल ही में हुईं आग लगने की घटनाएं (जिनमें मालवीय नगर में लगी आग की घटना भी शामिल है, जिसमें 23 लोगों की मृत्यु हुई थी) सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और नियामक निगरानी में लगातार बनी हुई कमियों को उजागर करती हैं।
बयान में कहा गया, ‘ये घटनाएं एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं, जहां सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज किया जाता है और अक्सर बिना उचित जांच-पड़ताल के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी कर दिए जाते हैं।’
उपहार सिनेमा में आग लगने की घटना में 59 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
भाषा
शुभम रंजन
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