कर्नाटक में सफारी के लिए अब खुले वाहनों का और इस्तेमाल न किया जाए: मंत्री खंड्रे

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कर्नाटक में सफारी के लिए अब खुले वाहनों का और इस्तेमाल न किया जाए: मंत्री खंड्रे

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 05:32 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 05:32 PM IST

बेंगलुरु, 20 मई (भाषा) कर्नाटक के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे ने बुधवार को अधिकारियों को राज्य के पांच बाघ संरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभयारण्यों में सफारी संचालन के लिए खुले कैंपर वाहनों के स्थान पर सुरक्षित बसों के इस्तेमाल का निर्देश दिया।

कोडागु जिले के डुबारे में 18 मई को दो प्रशिक्षित हाथियों के बीच संघर्ष के दौरान एक महिला पर्यटक की जान चली गयी थी।

इस घटना के मद्देनजर मंत्री ने मुख्य वन्यजीव संरक्षक को सफारियों में पर्यटक सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं।

अधिकारियों के अनुसार, बांदीपुर बाघ संरक्षित क्षेत्र, नागरहोल बाघ संरक्षित क्षेत्र, काली, बिलिगिरिरंगना हिल्स और भद्रा बाघ संरक्षित क्षेत्र समेत राज्य के विभिन्न बाघ संरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभयारण्यों के साथ-साथ मलाई महादेश्वर हिल्स, दांडेली और के गुड़ी जैसे वन क्षेत्रों में सफारी का संचालन किया जाता है।

ये स्थान न केवल राज्य के विभिन्न हिस्सों से बल्कि देश-विदेश से भी पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।

मंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में खंड्रे ने कहा कि सौभाग्य से, सफारी क्षेत्रों में अभी तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है जहां हाथियों या बाघों जैसे जंगली जानवरों ने सफारी वाहनों पर हमला करके जनक्षति पहुंचायी हो।

हालांकि, उन्होंने ऐसी किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के होने से पहले एहतियाती उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया।

खंड्रे ने निर्देश दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सफारी में इस्तेमाल होने वाले खुले कैंपर वाहनों के स्थान पर पूरी तरह से सुरक्षित बसों का लाया जाए।

मंत्री का कहना था कि मौजूदा कैंपरों में लोहे की ग्रिल लगाया जाए या ऐसा मजबूत शीशा लगाया जाए जो न टूटे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पर्यटकों को वन क्षेत्रों के अंदर कदम रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव