अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से तीर्थयात्रियों का कोई नया जत्था रवाना नहीं हुआ

अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से तीर्थयात्रियों का कोई नया जत्था रवाना नहीं हुआ

अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से तीर्थयात्रियों का कोई नया जत्था रवाना नहीं हुआ
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: August 6, 2022 12:46 pm IST

जम्मू, छह अगस्त (भाषा) दक्षिण कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से शनिवार को तीर्थयात्रियों का कोई नया जत्था रवाना नहीं हुआ। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों की संख्या में आ रही गिरावट के बीच यह जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो अगस्त को अमरनाथ यात्रियों से अनुरोध किया था कि वे खराब मौसम और बारिश होने के पूर्वानुमान के मद्देनजर पांच अगस्त से पहले बाबा बर्फानी के दर्शन कर लें।

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 43 दिन की वार्षिक अमरनाथ यात्रा दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान मार्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से 30 जून को शुरू हुई थी। यह यात्रा 11 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर समाप्त होगी।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘भगवती नगर आधार शिविर से घाटी के लिए अमरनाथ तीर्थयात्रियों का कोई नया जत्था रवाना नहीं हुआ।’’

सूत्रों ने बताया कि गुफा मंदिर में स्वत: निर्मित बर्फ के शिवलिंग के समय से पहले पिघलने के कारण पिछले सप्ताह से तीर्थयात्रियों की संख्या में गिरावट आई है।

सिन्हा ने कहा था, ‘‘देशभर से तीन लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन कर लिए हैं। बढ़ते तापमान के कारण अब बाबा का वह रूप नहीं बचा है और प्रकृति भी साथ नहीं दे रही। कई इलाकों में भारी बारिश हुई है। देशभर में जिन भक्तों को अभी दर्शन करने हैं, मैं उनसे अनुरोध करना चाहता हूं कि वे पांच अगस्त से पहले आएं, क्योंकि उसके बाद और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।’’

गुफा मंदिर के पास गत आठ जुलाई को भारी वर्षा के कारण अचानक आई बाढ़ में 15 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 55 अन्य घायल हो गए थे।

इस बीच, पुंछ स्थित बुड्ढा अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए 360 यात्रियों का जत्था शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि 145 महिलाओं और 19 बच्चों समेत 360 तीर्थयात्रियों का जत्था 12 वाहनों में सवार होकर तीर्थयात्रा पर निकला।

भाषा सिम्मी पारुल

पारुल


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