कोलकाता, 28 अप्रैल (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के खिलाफ 29 अप्रैल तक कोई आदेश पारित नहीं करेगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है।
एक वकील ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव से मौखिक अनुरोध किया कि दक्षिण 24 परगना जिले के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को उस क्षेत्र में कार्य करने से रोका जाए, क्योंकि वह (शर्मा) चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।
इस पर न्यायमूर्ति राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं करेंगे।
वकील ने अदालत में मौखिक रूप से मामला उठाया और कहा कि इस संबंध में याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
जब वकील ने आरोप लगाया कि शर्मा मतदाताओं को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं, तो न्यायमूर्ति राव ने उनसे कहा कि यदि कोई शिकायत है तो वह निर्वाचन आयोग से संपर्क करें।
इस पर वकील ने दावा किया कि आयोग को जानकारी दे दी गई है, लेकिन अबतक कोई जवाब नहीं मिला है।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी शर्मा उन पुलिस पर्यवेक्षकों में से एक हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल को दूसरे चरण में निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया है।
भाषा सुरेश दिलीप
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