पथानमथिट्टा (केरल), 19 जुलाई (भाषा) केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को सरकारी अस्पतालों के भीतर राजनीतिक संगठनों द्वारा मुफ्त भोजन वितरण के खिलाफ अपना रुख और सख्त करते हुए कहा कि अस्पताल परिसरों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार की नीति यह सुनिश्चित करने की है कि मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए मुफ्त भोजन केवल सरकारी अस्पतालों में स्थापित की जाने वाली सामुदायिक रसोई के माध्यम से ही वितरित किया जाए।
मुरलीधरन ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अस्पतालों के भीतर अधिकार क्षेत्र स्वास्थ्य विभाग का है, किसी भी राजनीतिक संगठन का नहीं। यदि वे भोजन वितरित करना चाहते हैं तो अस्पताल परिसर के बाहर कर सकते हैं, लेकिन अस्पताल के अंदर इसकी जिम्मेदारी सरकार की है।’’
उन्होंने कहा कि यूडीएफ सरकार किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को किसी भी परिस्थिति में अस्पताल परिसर के भीतर गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं देगी।
मंत्री ने कहा, ‘‘पार्टी के बैनर या झंडे लगाकर भोजन का वितरण नहीं होना चाहिए। यह गलत है और सरकार इसकी अनुमति नहीं देगी। यदि संगठन सहायता करना चाहते हैं, तो वे सामुदायिक रसोई में योगदान दे सकते हैं।’’
मुरलीधरन ने बताया कि सामुदायिक रसोई योजना की शुरुआत पहले अलप्पुझा में की जाएगी और उसके बाद स्वयंसेवी संगठनों से विचार-विमर्श के पश्चात इसे राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों तक विस्तारित किया जाएगा।
शनिवार को मुरलीधरन ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों के लिए मुफ्त भोजन वितरण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में सामुदायिक रसोई स्थापित करेगी।
भाषा शफीक रंजन
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