बेंगलुरु, 29 जून (भाषा) ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक में बिजली वितरण के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का ऊर्जा विभाग मजबूत है और उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने में सक्षम है।
उन्होंने यह बात बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में ‘फेडरेशन ऑफ कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन एम्प्लॉइज यूनियंस एंड एसोसिएशंस’ की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कही।
टाटा पावर कंपनी द्वारा कर्नाटक में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए कर्नाटक विद्युत नियामक आयोग (केईआरसी) के समक्ष आवेदन किए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए जॉर्ज ने कहा, “निजीकरण के मुद्दे पर पहले ही उचित निर्देश जारी किए जा चुके हैं और इसके अनुसार विद्युत वितरण कंपनियों (एस्कॉम्स) ने केईआरसी के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।”
मंत्री ने जोर देकर कहा कि कर्नाटक का ऊर्जा विभाग मजबूत है और सरकार कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी।
ऊर्जा मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया, “हम किसी भी तरह से किसी निजी कंपनी से कम नहीं हैं। हम कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे। आने वाले दिनों में इस मामले पर कैबिनेट में चर्चा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हम यहां राज्य की जनता की सेवा करने आए हैं, इसलिए निजीकरण का सवाल ही नहीं उठता।”
भाषा प्रचेता प्रशांत
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