गुवाहाटी, आठ मार्च (भाषा) असम के विधायक अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल ने रविवार को कहा कि आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठजोड़ बनाने के लिए वह कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं करेगी।
पिछले साल दिसंबर में, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), रायजोर दल (आरडी), असम जातीय परिषद (एजेपी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भाकपा (एमएल) लिबरेशन, जातीय दल-असोम (जेडीए) और कार्बी आंगलोंग स्थित ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी) ने विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने के लिए हाथ मिलाया था।
एक बयान में, रायजोर दल ने कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के खिलाफ कई आरोप लगाए, उन पर गठबंधन करने का विचार त्यागने का आरोप लगाया। रायजोर दल ने चार विपक्षी दलों द्वारा हाल में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन का हवाला भी दिया, जिसमें अखिल गोगोई की पार्टी शामिल नहीं थी।
शुक्रवार को गुवाहाटी में कांग्रेस, माकपा, एजेपी और एपीएचएलसी ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधानसभा चुनाव के लिए संयुक्त प्रचार अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।
रायजोर दल ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने 6 मार्च को हमसे गठबंधन तोड़कर तीन अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन कर लिया। उसने हमसे गठबंधन क्यों तोड़ा? हमारी क्या गलती थी? हम बहुत खुले विचारों वाले रहे हैं और गठबंधन के खातिर ही हमने कांग्रेस के सभी बेतुके तर्कों को सहन किया है।’’
उसने दावा किया गया कि कांग्रेस रायजोर दल से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ चाहती थी, जिसे रायजोर दल ने स्वीकार नहीं किया।
बयान में कहा गया, ‘हम सिर्फ 15 सीट और एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) चाहते थे। गौरव गोगोई ने सीएमपी का विरोध किया। उन्होंने हमें सम्मान नहीं दिया और अपने अहंकार के कारण गठबंधन तोड़ दिया।’’
असम विधानसभा के 126 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव इस साल अप्रैल में होने की संभावना है। परिसीमन प्रक्रिया (जो 2023 में हुई थी) के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव होगा।
भाषा सुभाष अमित
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