नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश के तहत आदेश दिया है कि अब से मतदान के दिन मतदान केंद्रों पर राज्य पुलिस कर्मियों की तैनाती का काम (रैंडमाइजेशन) निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में किया जाएगा।
चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का ‘रैंडमाइजेशन’ निष्पक्षता सुनिश्चित करता है। किसी तरह के पूर्वाग्रह से बचने के लिए स्थानीय पुलिस को उनके वर्तमान थाना क्षेत्रों के बाहर तैनात किया जाता है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों को सोमवार को लिखे पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘मतदान के दिन मतदान केंद्र पर तैनात राज्य पुलिस कर्मियों का रैंडमाइजेशन उस जिले के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए तैनात पुलिस पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में किया जाएगा।’’
यह आदेश भविष्य के सभी लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों के लिए है।
एक अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक राज्य पुलिस कर्मियों का ‘रैंडमाइजेशन’ करते हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘वे ऐसा करना जारी रखेंगे। लेकिन अब यह काम पुलिस पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में किया जाएगा।’
इसी साल अप्रैल में केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है और इन राज्यों में नई प्रक्रिया लागू की जाएगी।
राज्य पुलिस और राज्य सशस्त्र पुलिस के अलावा, चुनाव के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने, मतदान केंद्रों की सुरक्षा, कमजोर मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों को भी तैनात किया जाता है।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि नए निर्देशों को सभी जिला चुनाव अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्तों, निर्वाचन अधिकारियों के ध्यान में लाया जाना चाहिए।
भाषा हक
हक माधव
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